भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने किया ऐलान हर जिले में होगा संघर्ष
गाजियाबाद। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में यूपी गेट गाजीपुर बॉर्डर पर पिछले 8 से अधिक समय से जारी किसानों के आंदोलन के चलते एमएसपी पर किसानों की फसल खरीद में बड़ा भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने पत्रकार वार्ता के दौरान एमएसपी पर किसानों की फसल खरीद में बड़ा भ्रष्टाचार किया गया। इसमें हजारों किसानों को फर्जी बटाईदार दिखाया गया। चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि फसल खरीद घोटाले में व्यापारी, अधिकारी, जनप्रतिनिधि तक शामिल है।उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसकी सीबीआई से जांच कराने की मांग की। गुरूवार को यूपी गेट आंदोलन स्थल पर चौधरी राकेश टिकैत ने भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर जादौन,प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी राजवीर सिंह, मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक, बिजेंद्र सिंह आदि कि मौजूदगी में आरोप लगाया कि रामपुर में पूर्व सांसद एवं अभिनेत्री जयाप्रदा के स्कूल की जमीन पर भी खेती दर्शा कर वहां से फसल की खरीद की गई है। किसान नेता राकेश टिकैत ने पूरे मामले के दस्तावेज होने की बात कहीं। राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों की फसल खरीद में भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप लगाया है। कहा कि रामपुर में 26 हजार किसानों से फसल खरीद में 11 हजार किसानों को फर्जी बटाईदार दिखाया गया। रामपुर में एमएसपी पर खरीद में मिल,बिचौलिए और सरकारी अफसरों ने जमकर लूट की। इस मामले में उन्होंने सरकार से सीबीआई जांच कराने की मांग की है। रामपुर के अलावा अन्य जिलों में भी इसी तरह के फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करेंगे। इस पूरे मामले को लेकर अब भाकियू यूपी मिशन में भी इस मुद्दे को उठाएगी।प्रेस वार्ता में आक्रामक नजर आए चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते है कि देश में एमएसपी था और रहेगा। मगर किसानों से इसके नाम पर लूट होती हैं। 23 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया जाता है। मगर सिर्फ 2 से 3 फसलों की खरीद होती है। वह भी सभी राज्यों में नहीं की जाती है। बिहार और दक्षिण के प्रदेशों में धान की खरीद भी नहीं हो पाती है। रबी फसलों की गेहंू खरीद की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि भाकियू 9 अगस्त को क्रांति अगस्त बहुराष्ट्रीय कंपनियों भारत छोड़ों दिवस का आयोजन किया जाएगा। जबकि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर किसान-मजदूर आजादी संग्राम दिवस मनाएगी। ताकि किसानों को भी उनकी फसलों का भाव तय करने की आजादी मिले। कृषि कानूनों के विरोध में यूपी गेट पर 28 नवंबर से जारी धरने के चलते गुरूवार को उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब,राजस्थान से यात्राएं आ रही है। गुरूवार को हरियाणा से तिरंगा यात्रा बॉर्डर पर पहुंची। टिकैत ने कहा कि जब तक सरकार बातचीत नहीं करेगी,किसान गाजीपुर बॉर्डर से नहीं जाएंगे।
















