शिक्षक करता था छेड़छाड़, अध्यापिका कराती थी मसाज

पीड़िता ने लगाई न्याय की गुहार

गाजियाबाद। सरकारी शिक्षक और शिक्षिका के उत्पीड़न का शिकार महिला को न्याय नहीं मिल पाया है। शिकायत करने पर ना बेसिक शिक्षा विभाग ने और न पुलिस ने कोई कार्रवाई की है। ऐसे में पीड़िता को न्याय के लिए अब सोशल चौकीदार संस्था के संस्थापक के.के. शर्मा से गुहार लगानी पड़ी है। शर्मा ने इस मामले में भरसक सहयोग का भरोसा दिलाया है। नूर नगर सिहानी निवासी महिला को पूर्व माध्यमिक विद्यालय नूरनगर सिहानी में मिड-डे-मिले का खाना बनाने की जिम्मेदारी मिली थी। इसकी एवज में महिला को डेढ़ हजार रुपए का भुगतान किया जाता था।

आरोप है कि विद्यालय में तैनात एक शिक्षिका द्वारा इस महिला से जबरन मसाज कराई जाती थी। इसका विरोध करने पर नौकरी से हटवाने की धमकी दी जाती। आरोप है कि स्कूल में तैनात एक शिक्षक हमेशा महिला पर गलत नजर रखता था। वह मौका पाकर छेड़छाड़ करता। महिला ने इस बारे में प्रधानाचार्य और अन्य से शिकायत भी की, मगर कोई सुनवाई नहीं हो सकी। बाद में पीड़िता ने इस संबंध में पुलिस से शिकायत की, मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। विगत 23 मार्च को पीड़िता ने यह मामला उठाया था। अब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल पाया है। तंग आकर महिला ने अब सोशल चौकीदार संस्था के संस्थापक के.के. शर्मा से मुलाकात की है।

उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया गया। महिला ने बताया कि शिक्षा विभाग में शिकायत के बावजूद उसे किसी का सहयोग नहीं मिला। डीएम और एसएसपी तक से शिकायत का कोई परिणाम नहीं निकला। आरोप है कि शिकायत करने पर पीड़िता को नौकरी से भी निकाल दिया गया। इसके बाद से वह जैसे-तैसे जीवन यापन कर रही है। महिला का कहना है कि नौकरी के दौरान उससे साफ-सफाई के अलावा अन्य कार्य भी कराए गए थे। उधर, सोशल चौकीदार केके शर्मा ने इस मामले में उचित कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है। महिला का यह भी आरोप है कि विद्यालय में 4 कर्मचारियों की तैनाती है, मगर काम सिर्फ 2 कर्मचारी कर रहे हैं। 2 कर्मियों के नाम पर आर्थिक घपला हो रहा है। पीड़िता का कहना है कि संबंधित विद्यालय में किसी व्यक्ति ने कुछ दिन पूर्व तोड़फोड़ कर दी थी। इस मामले में विद्यालय के शिक्षक ने पीड़िता को फंसाने की भरसक कोशिश की। उसके पति को विद्यालय में तोड़-फोड़ करने के आरोप में पुलिस से प्रताड़ित तक कराया गया।