गाजियाबाद। राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता और कई संगठनों से समाजसेवी इंदरजीत सिंह टीटू ने केंद्रीय राज्य मंत्री वीके सिंह, राज्य सभा सदस्य अनिल अग्रवाल, मेयर आशा शर्मा, राज्य मंत्री अतुल गर्ग, विधायक अजीत पाल त्यागी, विधायक सुनील शर्मा एवं विधायक श्रीमती मंजू शिवाज को खुला पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा है कि कोरोना महामारी के दौरान पिछले डेढ़ माह में जो हालात देखने को मिले हैं, वह बेहद कष्टपूर्ण रहे। अब पिछले कुछ दिनों से निरंतर देखा जा रहा है सरकार और राजनीतिक नुमाइंदे 2 काम में लग गए हैं। कुछ लोग तो जांच कमेटियां बनाने में लग गए हैं, कुछ लोग जो जनता से संपर्क नहीं कर पाए, उनको ऑनलाइन करने में लगे हैं। कुछ दोबारा से जनता के बीच में किस चेहरे को लेकर जाएंगे, इस काम में लग गए हैं। राजनीतिक लोगों पर एक सबसे बड़ा हथियार है जांच कमेटी बना दो, मामले को ठंडे बस्ते में डाल दो। अगर कमेटियों से न्याय मिलता है तो 1984 के दंगों का न्याय लेने के लिए 37 साल नहीं लगते। मेरे इस पत्र का मकसद है इन सभी नुमाइंदों के पास जिन लोगों का मैंने जिक्र किया है, इनके नुकसान की भरपाई का क्या प्लान है। पिछले कोरोना काल में नहीं तो स्कूल की फीस खत्म हुई, नहीं तो बैंकों का ब्याज माफ हुआ, नहीं तो ट्रांसपोर्ट व्यापार में किसी भी प्रकार के टैक्स की छूट मिली, नहीं तो किसी को बिजली के बिल में छूट मिली। जब सभी नुमाइंदे खुद को गाजियाबाद वासी मानते हैं, इनको दोबारा जनता के बीच में जाना है, चुनाव लडऩा है तो भी नहीं लडऩा तो भी यह सब अलग बात, इनको हमेशा गाजियाबाद में जनता के बीच में रहना है। सभी नुमाइंदे गाजियाबाद की जनता को बताएं की जनता के लिए राहत देने को इनके पास क्या प्लानिंग है? किस रूप में गाजियाबाद की जनता को राहत देंगे या मुख्यमंत्री से दिलाएंगे या केंद्र सरकार से दिलवा पाएंगे, जो स्पष्ट रूप से नजर आनी चाहिए। सिर्फ आंकड़ेबाजी नहीं होनी चाहिए। जिन लोगों ने भी मानवता को बेचकर कालाबाजारी की, हॉस्पिटल में पैसे ज्यादा लिए कुदरत उनसे जवाब अपने आप ले लेगी। हम जवाब नहीं ले पाएंगे, कुदरत की लाठी में आवाज नहीं होती, उसके यहां हमेशा न्याय होता है।















