बेकरी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण और जागरूकता जरूरी: रामी रेड्डी

-एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला का शुभारंभ

गाजियाबाद। बेकरी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए वर्तमान में प्रशिक्षण और जागरूकता लाना जरूरी है।
फल, सब्जियों के प्रसंस्करण में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। इनके प्रसंस्करण में बहुत अधिक संभावनाएं औद्योगिक क्षेत्रों में विद्यमान है। यह बातें सोमवार को लोहियानगर स्थित हिंदी भवन में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के अपर मुख्य सचिव एमवीएस रामी रेड्डी ने कहीं। उन्होंने कहा खाद्य प्रसंस्करण में युवाओं का रुझान बढ़ा है। लोग इन कलाओं को सीखने के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि अपर मुख्य सचिव एमवीएस रामी रेड्डी ने उत्पादों की लगाई गई प्रदर्शनी का जिलाधिकारी के साथ जायजा लेते हुए उद्यमियों से जानकारी ली। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि देश में जितना फल, सब्जियों का उत्पादन हो रहा है। उसका सिर्फ 6 फीसद ही प्रसंस्करण हो रहा है। 94 फीसद फल एवं सब्जियों को हम लोग कच्चे ही प्रयोग में ला रहे हैं। इससे लगभग 25 फीसद व्यर्थ जा रहा है। सिर्फ 5 या 6 प्रतिशत ही प्रसंस्करण भविष्य के लिए सुरक्षित रख पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। प्रदेश सरकार का मानना है कि हमें 5 फीसद को बढ़ाकर 20 फीसद पर ले जाना है। इसमें नए उद्यमियों को लोन से लेकर ब्रांडेड एवं संयंत्रों को स्थापित कराते हुए प्रत्येक सुविधाएं देना प्रदेश सरकार ने सुनिश्चित किया है। एक जनपद-एक उत्पाद के तहत खाद्य विभाग में जिले में बेकरी उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए यह प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रदेश में यह पहला जनपद है जहां कार्यशाला आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि अन्य जनपदों में भी ऐसी ही कार्यशाला आयोजित कराई जाएगी। उन्होंने लोन स्वीकृत किए गए उद्यमियों संजय कुमार, संजीव कुमार को लोन स्वीकृति के 26.65 लाख और 20 लाख रुपए के लोन स्वीकृति पत्र प्रदान किए।

जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कार्यशाला के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार की संचालित योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। जिले को आत्मनिभज़्र भारत की ओर अग्रसर हो रहा है। हम सभी को मिलकर लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को प्रोत्साहित करना हैं। जिले में लघु उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने के लिए प्रशासन पूरी तरीके से कृत संकल्पित है। उन्होंने आहवान किया कि उद्यमियों को हर संभव सुविधाएं प्रदान कराई जाएगी। उपनिदेशक खाद्य एवं उद्यान विभाग डॉ. विनीत कुमार ने लक्ष्य की संक्षिप्त रिपोर्ट पेश की। स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट के सदस्य मयंक कुमार द्वारा पीपीटी एवं वीडियों के माध्यम से योजना का लाभ उठाने के लिए विस्तृत जानकारी एवं तरीकों के बारे में बताया गया। मुख्य विकास अधिकारी अस्मिता लाल ने उपनिदेशक उद्यान एवं खाद्य डॉ. विनीत कुमार,परियोजना निदेशक पीएन दीक्षित,जिला उद्यान अधिकारी कुमारी निधि, विनीता, गौरव, स्वयं सहायता समूह सदस्य, जेसी शर्मा, सुमित सिंह,श्वेता आदि की मौजूदगी में अपर मुख्य सचिव एवं कार्यशाला आयोजन करने वाले खाद्य एवं उद्यान विभाग को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए आश्वस्त किया कि जिला आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर हो रहा है।