रोज के कार्यो में राजभाषा का करें प्रयोग: वीरेंद्र कुमार

गाजियाबाद। पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के नेतृत्व में केंद्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्थान में सोमवार से हिंदी कार्यशाला की शुरुआत हुई। 5 दिवसीय यह कार्यशाला 11 दिसम्बर को संपन्न होगी। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के उप-प्राचार्य वीरेंद्र कुमार ने किया। इसके प्रथम दिवस में आशा राम व्याख्याता केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान, नई दिल्ली ने यूनिकोड से संबंधित जानकारी और अभ्यास सभी अधिकारियों और कार्मिकों को कराया।

इसके अतिरिक्त गूगल के माध्यम से अनुवाद हेतु जानकारी व अभ्यास, हिंदी के प्रचार-प्रसार से संबंधित वर्ष 2020-21 के दौरान वार्षिक कार्यक्रम की जानकारी, निर्धारित लक्ष्य व विभिन्न प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। साथ राजभाषा नीति, अधिनियम, नियम तथा हिंदी की संवैधानिक स्थिति तथा नोटिंग-ड्राफ्टिंग का अभ्यास कराया जाएगा, जिससे हिंदी के उतरोत्तर प्रयोग में वृद्धि होगी। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों का इस विषय में संकोच दूर होगा। राजभाषा हिंदी के प्रति उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। यह संवर्ग किसी भी कार्यालय का एक प्रभावशाली पद है और वैयक्तिक कार्मिक उच्च अधिकारियों व अन्य पदाधिकारियों के बीच सेतु का कार्य करते हैं तथा साथ ही राजभाषा कार्यान्वयन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। वैयक्तिक कार्मिकों की प्रभावशाली भूमिका से जहां वरिष्ठ अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन आसानी से कर पाते हैं, वहीं अधिकारी तथा विभाग की मान-मर्यादा में वृद्धि होती है। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि अपने दैंनदिन के कार्यो में राजभाषा का बहुतायत प्रयोग करें। कार्यक्रम में संस्थान के पुलिस उपाधीक्षक आर.पी. सिंह, पी.पी. कर्णवाल, रमन पाल, डॉ. सुधीर कांत शर्मा तथा जनसंपर्क प्रभारी वीरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।