ध्यान-योग कार्यशाला में तीसरे दिन अल्फा मेडिटेशन के नियमित अभ्यास की दी जानकारी
गाजियाबाद। शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक सुख व आध्यात्मिक प्रगति के लिए योग महत्वपूर्ण है। योग से बीमारियों को दूरकर खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। योग से नैतिकता का विकास होता है और शाश्वत मूल्यों को विकसित किया जा सकता है। यदि शरीर और मन को स्वस्थ रखना है तो हमें योग की शरण में जाना होगा। योग से आत्म शुद्धि होती है।
यह बातें बुधवार को तीसरे दिन अखिल भारतीय योग संस्थान गाजियाबाद द्वारा लैंडक्राफ्ट में आयोजित ध्यान-योग कार्यशाला में पहुंचे मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता ने साधकों को संबोधित करते हुुए कहीं। उन्होने कहा योग भारतीय संस्कृति की अनमोल धरोहर है। योग के बल पर गंभीर बीमारियों को मात दिया जा सकता है। बीते कुछ महीनों में योग के प्रति लोगों का झुकाव बढ़ा है। प्रतिदिन योग से लोग जुड़ते जा रहे हैं। योग एक संपूर्ण श्रेष्ठ जीवनशैली है। जिसमें योगासन करने से शरीर मन तथा भावनाओं का संतुलन व नवशक्ति का संचार होता है। आचार्य नीरज योगी ने अल्फा मेडिटेशन के माध्यम से चेतना को जागृत करने की जानकारी देते हुए कहा कि अल्फा मेडिटेशन के नियमित अभ्यास से एडोसिन हार्मोन्स का स्राव होता है और यह आनंद देने वाला है। उन्होंने कहा कि आनंद की अनुभूति से चेतना का विस्तार होता है। चेतन्य व्यक्ति सदैव सकारात्मक रहता है और उसकी कार्यशैली भी सकारात्मक रहती है। उद्यमी व संस्थान के संरक्षक राजकुमार त्यागी व सांसद प्रतिनिधि व समाज सेवी देवेंद्र हितकारी ने कहा कि योग और ध्यान से मनुष्य अपने को श्रेष्ठ बना सकता है। योग अशांत मन व मस्तिष्क को शांत करता है। फ्रेंडस क्लब लैंडक्राफ्ट की टीम, पूर्व डीएसपी पीपी कर्णवाल, पांडेयजी, अर्पित त्यागी व संस्थान के पदाधिकारियों ने सहयोग दिया। इस दौरान बीकेएन पाल, प्रदीप कंसल, पूर्व डीएसपी मोहर सिंह, धर्मेंद्र सिरोही, प्रमिला सिंह, महेंद्र गिरधर, सरोज सिरोही, रूप बसंत पाल, प्रभा, मीना वोहरा, रितु सिंघल जी विभा भारद्वाज, प्रवीण आर्य, आशा, रिया, गीता रानी पाल आदि मौजूद रहीं।















