मिशन शक्ति केंद्रों पर प्रार्थना पत्रों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें: जे. रविन्दर गौड़

-पुलिस कमिश्नर ने मिशन शक्ति केंद्र प्रभारियों को दिए निर्देश, पीडि़तों को मिले न्याय सुनिश्चित
-महिला सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और जागरूकता अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर
-स्थानीय प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर सेवाओं का विस्तार किया जाएगा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद के थानों में संचालित मिशन शक्ति केंद्रों को और अधिक प्रभावी बनाने और इनमें आने वाले प्रार्थना पत्रों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ ने शनिवार को पुलिस लाइन्स स्थित सम्मेलन कक्ष में बैठक की। बैठक में मिशन शक्ति केंद्र के सभी प्रभारियों, महिला निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों को निर्देश दिए गए कि प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण और शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीडि़तों को समय पर न्याय मिल सके। पुलिस कमिश्नर ने महिला सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और जन-जागरूकता अभियानों की प्रभावशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया।

बैठक में एडीशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय एवं अपराध केशव चौधरी, पुलिस उपायुक्त ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी, पुलिस उपायुक्त ट्रांस हिंडन निमिष पाटील, सहायक पुलिस आयुक्त महिला अपराध सलोनी अग्रवाल, वेव सिटी प्रियाश्री पाल, नंदग्राम उपासना पांडेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिस कमिश्नर ने लंबित मुकदमों के शीघ्र निस्तारण पर जोर दिया और निर्देशित किया कि मिशन शक्ति केंद्रों पर प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे नियमित रूप से विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाएं।

इस अवसर पर महिला हेल्प डेस्क, साइबर सुरक्षा, घरेलू हिंसा निवारण और आत्मरक्षा प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों पर भी विशेष चर्चा हुई। पुलिस कमिश्नर ने मिशन शक्ति केंद्रों को स्थानीय प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक का समापन करते हुए जे. रविन्द्र गौड़ ने सभी प्रभारियों से सक्रियता, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाकर शासन की मंशा के अनुरूप महिलाओं और पीडि़तों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।