-शासनादेशों का उल्लंघन करना औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में तैनात कार्मिकों को पड़ा महंगा, हुई बड़ी कार्रवाई
-नोएडा के प्रबंधक आरके शर्मा, ग्रेनो के एसएम राम आसरे गौतम व गुरविंदर सिंह और यीडा के डीजीएम राजेंद्र भाटी हुए निलंबित
लखनऊ। औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में शासनादेशों की धज्जियां उड़ाते हुए स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद भी कई अधिकारी नवीन तैनाती में नहीं जा रहे हैं। शासन ने गुरुवार को नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यूपीसीडा और यमुना प्राधिकरण के पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया। प्राधिकरणों में शासन की इस बड़ी कार्रवाई से प्राधिकरणों में खलबली मची हुई है।
शासन ने वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं वित्तीय वर्ष 2023-24 में कई कार्मिकों का स्थानांतरण किया गया था। लेकिन सम्बंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा शासनादेशों का उल्लंघन करते हुए अपने चहेते कार्मिकों को कार्यमुक्त न करके अपने पास ही रखा गया। इसको लेकर शासन द्वारा सम्बंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कई बार पत्र भेजा गया। लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों ने शासन के पत्रों को गम्भीरता से नहीं लिया। स्थानांतरण राज्य सरकार के सुचारु कार्य सम्पादन की एक सामान्य प्रक्रिया के साथ-साथ कार्य कुशलता के दक्षता के मानदण्डों को प्रखर बनाए जाने की एक सतत प्रक्रिया है।
यदि कुछ कार्मिकों द्वारा स्थानांतरण के निर्देशानुसार कार्यभार ग्रहण नहीं किया जाता है तो यह संतुलन बिगड़ता है और कार्य की गति प्रभावित होती है। गुरुवार को नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यीडा और यूपीसीडा में तैनात पांच अधिकारियों को निलम्बित करने का आदेश जारी किया गया। इसमें कैलाशनाथ श्रीवास्तव सहायक महाप्रबंधक यूपीसीडा, आरके शर्मा प्रबंधक सिविल नोएडा, राम आसरे गौतम वरिष्ठ प्रबंधक सिविल ग्रेटर नोएडा, गुरविंदर सिंह वरिष्ठ प्रबंधक ग्रेटर नोएडा व राजेंद्र भाटी उप महाप्रबंधक सिविल यीडा शामिल हैं।
















