जेवर एयरपोर्ट के कारण यीडा क्षेत्र में प्रॉपर्टी की डिमांड ज्यादा
ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के कारण आस-पास की प्रॉपर्टी में निरंतर बूम आ रहा है। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में प्रॉपर्टी की डिमांड कुलांचे भर रही है। आवासीय, ग्रुप हाउसिंग, संस्थागत कॉरपोरेट एवं आईटी सेक्टर के लिए प्रॉपर्टी की डिमांड ज्यादा है। जेवर एयरपोर्ट की शुरुआत से पहले इस क्षेत्र में कोई अपना ड्रीम होम तो कोई कारोबार स्थापित कर लेने का उतावला है। इसके मद्देनजर यमुना प्राधिकरण ने भूखंड आवंटन दरों में वृद्धि कर दी है। यह वृद्धि 38 प्रतिशत तक हुई है।
यमुना प्राधिकरण ने व्यावसायिक आवंटन को छोड़कर बाकी सभी में यह बढ़ोत्तरी की है। नई आवंटन दरें पहली अप्रैल से लागू मानी जाएंगी। चालू वित्तीय वर्ष के लिए नई दरें निर्धारित हुई हैं। जेवर एयरपोर्ट का काम शुरू होने के बाद से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में प्रत्येक श्रेणी के भूखंडों की मांग में इजाफा देखने को मिला है। कोई रहने के लिए तो कोई कारोबार करने के मकसद से इस क्षेत्र में भूखंड लेना चाहता है। जेवर एयरपोर्ट का संचालन आरंभ होने में अभी वक्त लगेगा, मगर इससे पहले इस क्षेत्र में बहार आ जाएगी। इसके चलते यमुना प्राधिकरण ने आवंटन दरों में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। नई आवंटर दरें एक अप्रैल से प्रभावी मानी जाएंगी।
इसके तहत आवासीय भूखंड 6 प्रतिशत ज्यादा कीमत पर आवंटित किए जाएंगे। ग्रुप हाउसिंग में 26 प्रतिशत, बिजलीघर और डाकघर के भूखंडों की कीमत में 37 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हो गई है। नई आवंटन दरें लागू होने से यीडा क्षेत्र में भविष्य में आशियाना बनाना, उद्योग की स्थापना करना और कॉरपोरेट दफ्तर खोलना पहले से अधिक खर्चीला हो जाएगा। हालाकि व्यावसायिक आवंटन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह दरें यथावत रहेंगी। बाताया गया है कि यीडा क्षेत्र में औद्योगिक भूखंडों की डिमांड सबसे ज्यादा है।
अलबत्ता यमुना प्राधिकरण ने इसमें 38 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी की है। यीडा ने आवासीय भूखंड की आवंटन दर को पहले 2 श्रेणी में विभाजित किया था। पहले 200 वर्ग मीटर तक के भूखंड की आवंटन दर अलग और इससे बड़े भूखंड की आवंटन दर अलग होती थी। छोटे भूखंडों की आवंटन दर कम होती है। यीडा ने अब सभी आवासीय भूखंडों की आवंटन दर को समान कर दिया है। बता दें कि जेवर एयरपोर्ट की धूम देश-दुनिया में है। जेवर एयरपोर्ट की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए भी भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए अलग-अलग योजनाओं पर काम चल रहा है। जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में केंद्र एवं राज्य सरकार खासी दिलचस्पी दिखा रही हैं।
श्रेणी आवंटन दर (पुरानी) आवंटन दर (नई)
आवासीय 17400 18510
ग्रुप हाउसिंग 18200 23140
संस्थागत 8270 10450
कॉरपोरेट दफ्तर 12300 16970
आईटी 8430 11630
















