मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे पर हवाई जहाज़ उतारने का कार्य नियाल व यापल ने रिकॉर्ड तीन साल दो महीने व 11 दिन की अवधि में संभव कर दिखाया। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार को इंडिगो की फ्लाइट की फर्स्ट लैडिंग हो गई। सफल लैंडिंग के बाद पहला टेक ऑफ भी सफल रहा। इस अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री केराम मोहन नायडू, सांसद डॉ महेश शर्मा, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, एसीएस सिविल एविएशन यूपी एसपी गोयल, सीईओ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट/यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण डॉ अरुण वीर सिंह, पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, सचिव मुख्यमंत्री अमित सिंह, डीएम मनीष वर्मा, निदेशक नागरिक उड्डयन यूपी कुमार हर्ष, सीईओ यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्रिस्टोफ शेलमैन, किरण जैन, आशुतोष चतुर्वेदी, एयरपोर्ट के नोडल अफसर शैलेंद्र भाटिया, स्टाफ ऑफिसर नंदकिशोर सुंदरियाल, सुरभि राणा आदि उपस्थित रहे।
विजय मिश्रा (उदय भूमि)
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में आज एक और मील का पत्थर जुड़ गया। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर का ट्रायल रन शुरू हो गया। यहां पर इंडिगो के हवाई जहाज की सफल लैंडिंग हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे पर हवाई जहाज़ उतारने का कार्य नियाल व यापल ने रिकॉर्ड तीन साल दो महीने व 11 दिन की अवधि में संभव कर दिखाया। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार को इंडिगो की फ्लाइट की फर्स्ट लैडिंग हो गई। इस तरह नोएडा के जेवर एयरपोर्ट पर उड़ानों का ट्रायल शुरू हो गया है। उतरने के साथ ही इस फ्लाइट का स्वागत वॉटर कैनन से किया गया। इस लैंडिंग के बाद मिले डेटा के आंकलन के आधार पर आगे कमर्शियल फ्लाइट को अनुमति मिलेगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमान की सफल लैंडिंग के बाद पहला टेक ऑफ भी सफल रहा। इससे पहले डीजीसीए ने एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद लैंडिंग की अनुमति दी थी। आज की फ्लाइट में कोई यात्री नहीं था। विमान में केवल चालक दल के सदस्य ही सवार थे। ट्रायल सफल रहा है। अनुमान है कि अप्रैल से जेवर एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत हो जाएगी। यह महत्वपूर्ण कदम कमर्शियल ऑपरेशंस के लिए आवश्यक सुरक्षा और ऑपरेशनल स्टैंडर्ड्स के प्रति एनआईए की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वैलिडेशन फ्लाइट के बाद एनआईए एयरोड्रम सर्टिफिकेशन के लिए आवश्यक दस्तावेज को अंतिम रूप देगा और इसे नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को सौंप देगा।
एयरपोर्ट का है स्विट्जरलैंड कनेक्शन
जेवर हवाई अड्डे के रनवे का निर्माण विशेष रूप से किया गया है। स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख हवाई अड्डा प्राधिकरण के सहयोग से रनवे का निर्माण किया गया है। जेवर हवाई अड्डे का रनवे लगभग 3.9 किलोमीटर लंबा है। इसका नंबर 10 से 28 तक दिया गया है। हवाई अड्डे के सीईओ क्रिस्टोफ स्नेलमैन का कहना है कि यदि आज का ट्रायल सफल रहता है, तो फिर किसी और वैलिडेशन की जरूरत नहीं होगी।
यूपी का पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट
जेवर हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा। इसके शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश में कुल पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हो जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2021 को इस हवाई अड्डे की आधारशिला रखी थी। यह दिल्ली-एनसीआर का तीसरा व्यावसायिक हवाई अड्डा होगा, जो इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) और हिंडन क्षेत्रीय हवाई अड्डे के बाद बनकर तैयार होगा।
गर्व का है क्षण : श्नेलमैन
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर वैलिडेशन फ्लाइट्स का सफलतापूर्वक संचालन होना हमारी पूरी टीम के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि उस समर्पण और सावधानीपूर्वक बनाई गई योजना को दर्शाता है जो यह सुनिश्चित करने में लगी है कि हवाई अड्डा कमर्शियल ऑपरेशन के लिए तैयार है। हम हवाई अड्डे के उद्घाटन के लिए तैयार हैं और हवाई अड्डे पर यात्रियों का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।
ट्रायल रन में इनकी रही मौजूदगी
ट्रायल रन की शुरुआत में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री केराम मोहन नायडू, सांसद डॉ महेश शर्मा, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, एसीएस सिविल एविएशन यूपी एसपी गोयल, पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, सचिव मुख्यमंत्री अमित सिंह, सीईओ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट/यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण डॉ अरुण वीर सिंह, डीएम मनीष वर्मा, निदेशक नागरिक उड्डयन यूपी कुमार हर्ष, सीईओ यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्रिस्टोफ शेलमैन, किरण जैन, आशुतोष चतुर्वेदी, एयरपोर्ट के नोडल अफसर शैलेंद्र भाटिया, स्टाफ ऑफिसर नंदकिशोर सुंदरियाल, सुरभि राणा आदि उपस्थित रहे।
23 साल बाद पूरा हुआ एयरपोर्ट का सपना
गौतम बुद्ध नगर जिले में 23 साल पहले एयरपोर्ट बनाने का सपना देखा गया था। इसकी प्रक्रिया भी शुरू की गई थी, लेकिन बात सिरे तक नहीं पहुंच पाई। अब प्रदेश सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को धरातल पर उतरने का समय आ गया है। इस परियोजना में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह की रही। यह देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। एयरपोर्ट का पहला चरण 1334 हेक्टेयर में मूर्त रूप लिया है।
प्रदेश की बदलेगी अर्थव्यवस्था
यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का ट्रायल रन 09 दिसम्बर से शुरू हो गया। यह ट्रायल एक महीने तक चलेगा। इस दौरान करीब 70 विमान उड़ान भरेंगे और उतरेंगे। इन सब का डाटा विशेषज्ञ एजेंसी तैयार करेगी। सारे पहलुओं को देखा जाएगा। इसके बाद व्यावसायिक उड़ान की अनुमति मिलेगी और एयरपोर्ट का संचालन शुरू हो जाएगा। डॉ सिंह बताते हैं कि यह ऐसी परियोजना है जिससे पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर आमूल चूल बदलाव दिखेगा। यह उत्तर प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर इकोनामी बनने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड सीईओ डॉ अरुण वीर सिंह ने बताया कि यह 100 परसेंट एफडीआई वाला पहला प्रोजेक्ट है।
एयर कार्गो का हब बनेगा
नोएडा एयरपोर्ट कार्गो का हब भी बनेगा। एयरपोर्ट का दूसरा चरण एयर कार्गो के नाम होगा। इसके लिए डेडीकेटेड रनवे बनेगा। यहां से माल उतरेगा और दूसरे देशों को जाएगा। एक अध्ययन के मुताबिक उत्तर प्रदेश में गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद से सबसे अधिक एयर कार्गो दिल्ली एयरपोर्ट को जाता है। जब यहां पर एयर कार्गो की सुविधा शुरू होगी तो सारा सामान इसी एयरपोर्ट से जाएगा और यह एयर कार्गो का बड़ा हब बनेगा।
बनारस के घाटों की झलक दिखेगी
एयरपोर्ट का डिजाइन इस तरह से किया गया है कि इसमें भारतीय संस्कृति की झलक दिखेगी। एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग में बनारस के घाटों की झलक दिखेगी। यहां आंगन भी दिखेंगे। जिसमें यात्री बैठ सकेंगे और अपने विमान का इंतजार करेंगे। इसका डिजाइन इस तरह से है कि इसमें प्रवेश करते ही आपको लगेगा कि हम भारत में आ चुके हैं।
परियोजना के नाम कई रिकॉर्ड दर्ज
यह परियोजना अपने साथ कई इतिहास समेटे हुए है। कई रिकॉर्ड भी इसके नाम दर्ज हो चुके हैं। यह देश का पहला एयरपोर्ट है जो सबसे कम समय में शुरू होने जा रहा है। साथ ही नए जमीन अधिग्रहण कानून के तहत यह पहला प्रोजेक्ट है, जिसके लिए जमीन किसानों से ली गई है। किसानों की सहमति से लेकर जमीन का अधिग्रहण किया गया। विस्थापित किसानों के लिए अलग शहर बसाया गया। उन किसानों को वहां पर बसा दिया गया। इसके बाद साइट पर काम शुरू किया गया। रिकॉर्ड कम समय में परियोजना को धरातल पर उतारा गया है।
सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह की भूमिका अहम
एयरपोर्ट की सैद्धांतिक सहमति से लेकर निर्माणकर्ता एजेंसी के चयन तक में सबसे अहम भूमिका यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह की रही। हर छोटी बड़ी अनुमति के लिए उन्होंने खुद प्रयास किया। इसके साथ ही एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। कामों को समय पर निपटाना और मूर्त रूप दिलाना उनकी प्राथमिकता में रहा है। यही कारण रहा कि यह एयरपोर्ट रिकॉर्ड समय में शुरू होने जा रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। यहां से डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट उड़ेंगी। यह एयरपोर्ट कार्गो और एमआरओ का हब बनेगा। यह व्यापार का भी बड़ा केंद्र बनेगा। उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला प्रदेश बनाने में नोएडा एयरपोर्ट का महत्वपूर्ण योगदान होगा।
डॉ अरुणवीर सिंह
सीईओ
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट



















