गाजियाबाद शहर की तरह अब ग्रेटर नोएडा में बनेंगे वेंडर जोन

रेहड़ी-पटरी दुकानदारों और नागरिकों को मिलेगी राहत

ग्रेटर नोएडा। गाजियाबाद शहर की भांति अब ग्रेटर नोएडा में भी वेंडर जोन बनाने की तैयारी चल रही है। इससे रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को काफी राहत मिल सकेगी। वह इधर-उधर घूमने की बजाए निर्धारित स्थल पर सामान की बिक्री कर सकेंगे। रेहड़ी-पटरी के कारण जगह-जगह अतिक्रमण एवं जाम की समस्या भी नहीं रहेगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने वेंडर जोन के लिए टेंडर निकाले हैं। कंपनी का चयन होने के उपरांत काम आरंभ करा दिया जाएगा। गाजियाबाद नगर निगम द्वारा विभिन्न स्थानों पर वेंडर जोन बनाए गए हैं। इसके अच्छे परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं।

5 वेंडर जोन के लिए निकाले टेंडर
नगर निगम की देखा-देखी अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी इस प्रकार की पहल की है। ग्रेटर नोएडा में 5 वेंडर जोन बनाने की दिशा में कवायद चल पड़ी है। इस बावत ग्रेनो प्राधिकरण ने कंपनी का चयन करने को टेंडर जारी कर दिए हैं। कंपनी का चयन होने के साथ योजना पर कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। बीटा-1, बीटा-2, डेल्टा-2, अल्फा-2 और सेक्टर-36 में वेंडर जोन बनाए जाएंगे। वेंडर जोन अस्तित्व में आने से आवासीय सेक्टरों में रेहड़ी-पटरी दुकानदार इधर-उधर नहीं घूम सकेंगे। इससे नागरिकों को भी राहत महसूस होगी। विभिन्न सेक्टरों में फिलहाल रेहड़ी-पटरी दुकानदार जहां-तहां बेरोकटोक घूमते रहते हैं।

पूरी होगी सामाजिक संगठनों की मांग
सुरक्षा की दृष्टि से इन दुकानदारों को अक्सर आरडब्ल्यूए और रेजीडेंट्स के विरोध का भी सामना करना पड़ता है। रेहड़ी पटरी दुकानदारों पर अंकुश लगाने को विभिन्न सामाजिक संगठन कई बार ग्रेनो प्राधिकरण से अपील कर चुके हैं। प्राधिकरण ने अब इस समस्या पर संज्ञान लिया है। चयनित वेंडर जोन में सिर्फ रेहड़ी पटरी दुकानदारों को काम करने के लिए जगह मिलेगी। इससे वह सेक्टरों में इधर-उधर नहीं घूम सकेंगे। उधर, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के परियोजना विभाग के महाप्रबंधक (जीएम) एके अरोड़ा का कहना है कि इस योजना पर शीघ्र काम प्रारंभ करा दिया जाएगा। वेंडर जोन बनने से रेहड़ी-पटरी दुकानदारों के साथ-साथ नागरिकों को भी राहत मिल सकेगी।