1 अप्रैल से लागू होंगे नए नियम, ओवर रेटिंग और मिलावट पर जीरो टॉलरेंस नीति

  • उप आबकारी आयुक्त ने शराब दुकानों के अनुज्ञापियों को दिए गए कड़े निर्देश
  • ब्रांड रजिस्ट्रेशन और एमआरपी अप्रूवल अनिवार्य, मदिरा बिक्री के लिए डिजिटल सिस्टम

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर।
गौतमबुद्ध नगर में आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार, सूरजपुर में आबकारी विभाग की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक की अध्यक्षता उप आबकारी आयुक्त मेरठ मंडल राकेश कुमार सिंह ने की, जिसमें जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव सहित आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, गौरव चन्द, डॉ. शिखा ठाकुर, चन्द्रशेखर सिंह, अभिनव शाही, नामवर सिंह और रवि जायसवाल मौजूद रहे। बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए अनुमोदित बीआईओ, बॉन्ड, होलसेल एवं आबकारी दुकानों के अनुज्ञापियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। इस दौरान ओएसिस टीम के प्रतिनिधि और अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे। समस्त फुटकर अनुज्ञापियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि नई दुकानें केवल नए वित्तीय वर्ष के स्टॉक से ही संचालित हों। सभी बीआईओ और बॉन्ड अनुज्ञापियों को निर्देश दिया गया कि वे ब्रांड रजिस्ट्रेशन, अप्रूवल और एमआरपी अनुमोदन शीघ्र पूरा करें, ताकि सभी ब्रांड समय पर उपलब्ध हों।

शत-प्रतिशत बिक्री पॉश मशीनों से होगी और दुकानों पर ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। ओएसिस टीम ने अनुज्ञापियों को पाँश मशीन संचालन और लाइव इंडेटिंग का प्रशिक्षण दिया। सभी दुकानों पर स्टॉक रजिस्टर रखना, साइन बोर्ड लगाना और 24×7 सीसीटीवी कैमरे चालू रखना अनिवार्य होगा। अनुज्ञापियों को दुकान संचालन से जुड़ी सभी जिम्मेदारियां समय पर पूरी करनी होंगी। आबकारी विभाग के इस कड़े रुख के बाद जनपद में अवैध शराब बिक्री और ओवररेटिंग पर पूरी तरह अंकुश लगाने की कोशिश की जाएगी। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में शराब की बिक्री को पूरी तरह से पारदर्शी और नियमानुसार बनाए रखने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी अनुज्ञापियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि 1 अप्रैल 2025 से केवल नई मदिरा की बिक्री हो और पुरानी शराब का स्टॉक पूरी तरह खत्म कर दिया जाए। पॉश मशीनों से 100 प्रतिशत बिक्री, ऑनलाइन भुगतान की सुविधा, सीसीटीवी कैमरों का 24&7 संचालन और स्टॉक रजिस्टर का सही रखरखाव अनिवार्य किया गया है। किसी भी अनुज्ञापी द्वारा नियमों के उल्लंघन पर विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।

ओवररेटिंग और अपमिश्रण जैसी अनियमितताओं पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। सभी थोक अनुज्ञापियों को समय पर अपने ब्रांड रजिस्ट्रेशन और एमआरपी अप्रूवल की प्रक्रिया पूरी करनी होगी, ताकि जिले में सभी ब्रांड उपलब्ध रह सकें। हमारा लक्ष्य एक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और जिम्मेदार आबकारी व्यवस्था लागू करना है।

1 अप्रैल 2025 से लागू होंगे नए नियम, सख्त अनुपालन के आदेश

बैठक में आबकारी दुकानों के संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई और निम्नलिखित निर्देश जारी किए गए।
– 1 अप्रैल से पुरानी शराब की बिक्री प्रतिबंधित
-1 अप्रैल 2025 से खुलने वाली दुकानों पर वर्ष 2024-25 की शराब की बिक्री नहीं होगी।

एमजीक्यू और एमजीआर उठान के निर्देश

-देशी शराब दुकानों को मासिक एमजीक्यू (न्यूनतम गारंटीकृत कोटा) उठान का पालन करना होगा।
-कंपोजिट दुकानों पर विदेशी मदिरा एवं बीयर की निर्धारित एमजीआर (न्यूनतम गारंटीशुदा राजस्व) उठान त्रैमासिक/मासिक आधार पर सुनिश्चित करनी होगी।

ओवररेटिंग और अपमिश्रण पर कड़ी कार्रवाई के आदेश

बैठक में आबकारी निरीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि ओवररेटिंग और अपमिश्रण (मिलावट) पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। यदि कोई भी दुकान तय कीमत से अधिक दाम पर मदिरा बेचती है या गुणवत्ता में मिलावट पाई जाती है तो कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

थोक अनुज्ञापनों के लिए 27 मार्च से रोल ओवर प्रक्रिया शुरू

थोक अनुज्ञापनों को निर्देश दिया गया कि वे वर्ष 2024-25 की निकासी पूर्ण कर 27 मार्च से वर्ष 2025-26 के लिए रोल ओवर प्रक्रिया शुरू करें।

अनुशासन में रहकर कार्य करें: उप आबकारी आयुक्त

उप आबकारी आयुक्त मेरठ मंडल राकेश कुमार सिंह ने कहा आबकारी विभाग का मुख्य उद्देश्य जनपद में पारदर्शी, अनुशासित और सुसंगठित शराब बिक्री प्रणाली लागू करना है। सभी अनुज्ञापियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करें। 1 अप्रैल 2025 से सभी दुकानों पर केवल नई मदिरा की बिक्री होगी, किसी भी प्रकार की पुरानी शराब बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। ओवर रेटिंग और अपमिश्रण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। यदि कोई अनुज्ञापी निर्धारित कीमत से अधिक दर पर मदिरा बेचता है या मिलावट करता है, तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

सभी अनुज्ञापियों को पॉश मशीनों से 100 प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित करनी होगी और डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध करानी होगी। साथ ही, प्रत्येक दुकान पर स्टॉक रजिस्टर, साइन बोर्ड और 24&7 सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से चालू रहने चाहिए।

बैठक के अंत में उप आबकारी आयुक्त मेरठ मंडल राकेश कुमार सिंह ने आबकारी अनुज्ञापियों को नियमों का सख्ती से पालन करने और अनुशासन में रहकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग की प्राथमिकता व्यवस्थित, पारदर्शी और अनुशासित शराब बिक्री प्रणाली लागू करना है। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि सभी शराब दुकानें तय नियमों के तहत संचालित हों और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई की जाए।