यमुना प्राधिकरण और नियाल के सीईओ डा. अरुणवीर सिंह ने बताया कि पांच एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट व आठ एमएलडी क्षमता के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का सिविल कार्य लगभग पूरा हो गया है। टर्मिनल बिल्डिंग में उपर लगने वाले विशेष प्रकार के कपड़े भी साइट पर पहुंच चुका है। कपड़े को लगाने के लिए स्पेन से टेक्निकल लोग भी भारत आ चुके हैं। डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट से आपातकालीन निकासी से संबंधित समस्या भी दूर हो चुकी है।
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण होने की ओर अग्रसर है। सिविल कंस्ट्रक्शन वर्क के अलावा सीवरेज और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम भी पूरा हो गया है। एयरपोर्ट पर रनवे से आगे बाउंड्री के बाहर सेफ्टी रोड का निर्माण भी पूरा हो गया है। इस रोड का निर्माण फ्लाईट की लैंडिंग के समय आपतकालीन परिस्थितियों में किया जाता है। 7 मीटर चौड़ी और 142 मीटर लंबी यह सड़क एयरपोर्ट की पूर्वी दिशा में चारदीवारी के बाहर दस्तमपुर गांव की तरफ बनाया गया है। डीजीसीए द्वारा एयरोड्रम लाइसेंस जारी होते ही नोएडा एयरपोर्ट से हवाई उड़ान शुरू हो जाएगी। अनुमान है कि नोएडा एयरपोर्ट 31 जुलाई तक चालू हो जाएगा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने जा रहा है। एयरपोर्ट पर हवाई जहाज की उड़ान शुरू होने से पहले सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा हा है। एयरपोर्ट पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम लगभग पूरा हो चुका है। सिविल वर्क पूरा होने के बाद ट्रीटमेंट प्लांट में मशीनें लगाने का काम चल रहा है। अगले सप्ताह तक यह काम भी पूरा हो जाएगा और प्लांट पूरी तरह से संचालन के लिए तैयार होगा। एयरपोर्ट की विकासकर्ता कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा. लि. वाईआईएपीएल के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने शुक्रवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. के सीईओ डा. अरुणवीर सिंह को एयरपोर्ट की निर्माण प्रगति की रिपोर्ट दी। क्रिस्टोफ ने सीईओ को बताया कि निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और आपात कालीन निकास का कार्य भी पूरा हो गया है।
यमुना प्राधिकरण और नियाल के सीईओ डा. अरुणवीर सिंह ने बताया कि पांच एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट व आठ एमएलडी क्षमता के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का सिविल कार्य लगभग पूरा हो गया है। टर्मिनल बिल्डिंग में उपर लगने वाले विशेष प्रकार के कपड़े भी साइट पर पहुंच चुका है। कपड़े को लगाने के लिए स्पेन से टेक्निकल लोग भी भारत आ चुके हैं। डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट से आपातकालीन निकासी से संबंधित समस्या भी दूर हो चुकी है। एयरपोर्ट की पूर्वी दिशा में चारदीवारी के बाहर दस्तमपुर गांव की एक हजार वर्गमीटर जमीन क्रय की गई है। इस पर 142 मीटर लंबी व सात मीटर चौड़ी कच्ची सड़क बनाई जा रही है। आपातकालीन स्थिति में इसी निकास से दमकल आदि गाड़ियों की आवाजाही होगी। भूमि को समतल करने का कार्य चल रहा है। यह सड़क एयरपोर्ट की चारदीवारी के बाहर होगी। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही डीजीसीए द्वारा एयरोड्रोम लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा।
















