मोदी सरकार की केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को यूपी के जेवर में भारत की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दे दी है। यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-28 में एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर ज्वाइंट वेंचर अपनी इकाई लगाएगी। यहां 2027 में उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। यहां हर महीने 3.6 करोड़ चिप बनाई जा सकेंगी। यह यूपी का पहला सेमीकंडक्टर पार्क होगा। इसके लिए 48 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। इस योजना से उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। यमुना प्राधिकरण इसके लिए आठ एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाएगा। इसके साथ ही 60 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया जाएगा।
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश का पहला सेमीकंडक्टर पार्क यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-28 में विकसित होगा। इसके लिए एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर ज्वाइंट वेंचर को 48 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। इसमें 3706 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इससे दो हजार लोगों से अधिक को रोजगार मिलेगा। यहां 2027 से उत्पादन शुरू हो जाएगा। हर महीने 3.6 करोड़ चिप बनाई जा सकेंगी।
मोदी सरकार की केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को यूपी के जेवर में भारत की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दे दी है। देश में अब तक 5 सेमीकंडक्टर इकाइयों को मंजूरी दी गई है। एक इकाई में इसी साल उत्पादन शुरू हो जाएगा। यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-28 में एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर ज्वाइंट वेंचर अपनी इकाई लगाएगी। यहां 2027 में उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। यहां हर महीने 3.6 करोड़ चिप बनाई जा सकेंगी। यह यूपी का पहला सेमीकंडक्टर पार्क होगा। इसके लिए 48 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। पहले इसे सेक्टर-10 में जमीन देने की योजना थी। इस योजना से उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। यमुना प्राधिकरण इसके लिए आठ एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाएगा। इसके साथ ही 60 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया जाएगा।
तमाम तरह की छूट मिलेंगी
यूपी सेमीकंडक्टर नीति के तहत अतरिक्त कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा कंपाउंड सेमीकंडक्टर, सिलिकॉन फोटोनिक्स, सेंसर, एटीएमपी, ओएसएटी के लिए 75 प्रतिशत की लैंड रिबेट भी दी जाएगी। 25 सालों के लिए दूसरे राज्यों से बिजली खरीदने, ट्रांसमिशन और व्हीलिंग शुल्क पर भी छूट मिलेगी। स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस पर भी छूट देने का प्रावधान है। हर साल 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी भी दी जाएगी।
नोएडा एयरपोर्ट के पास है यह इलाका
यमुना प्राधिकरण को सेक्टर-28 नोएडा एयरपोर्ट के पास है। इस इलाके में बिजली सप्लाई के लिए 400, 200, 132 केवी के सबस्टेशन भी बनाए जाएंगे। एयरपोर्ट नजदीक होने से सामान को लाने और ले जाने में आसानी होगी। निवेशकों और विदेशी खरीदारों को भी आने-जाने में कोई परेशानी नहीं होगी। यहां रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) की सुविधा भी जल्द ही शुरू हो जाएगी। इसके लिए सरकार से मंज़ूरी मिल चुकी है। इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसवे में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज भी बन चुका है, जिससे इन बड़े शहरों से भी कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी।

सीईओ
यमुना प्राधिकरण।
यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-28 में सेमी कंडक्टर पार्क विकसित किया जाएगा। एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर ज्वाइंट वेंचर अपनी इकाई यहां लगाएगी। कंपनी को सरकार की ओर तमाम सारी सुविधाएं दी जाएंगी। इसके आने से यहां रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
डॉ अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण















