ग्रेटर नोएडा में युवाओं के कौशल में आएगा निखार

ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ ने समीक्षा बैठक की

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नरेंद्र भूषण ने राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। बैठक में सेक्टर स्कील काउंसिल-आॅटोमोटिव, इलैक्ट्रॉनिक्स तथा टेलीकॉम सेंटर के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर दिशा-निर्देश जारी किए गए। ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने एनएसडीसी तथा स्कील डेवलपमेंट काउंसिल के प्रतिनिधियों को आदेश दिया कि कोविड महामारी के उपरांत ट्रेनिंग सेंटरों के आरंभ करने हेतु सभी औपचारिक स्वीकृति 15 दिन के भीतर प्राप्त कर ली जाएं, जिससे 25 जुलाई से 10 अगस्त तक ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में स्कील कौशल विकास के प्रशिक्षण केंद्रों को आरंभ किया जा सके। भारत सरकार के मंत्रालय एमएसडीई के अंतर्गत गठित राष्टÑीय कौशल विकास निगम द्वारा प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0 स्पेशल प्रोजेक्ट के तहत ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में बेरोजगार शहरी एवं ग्रामीण युवक-युवतियों को विभिन्न ट्रेड्रों के जरिए प्रशिक्षण के उपरांत उन्हें विभिन्न इकाइयों में प्लेसमेंट कराने में मदद की जाएगी। इसके लिए 1170 सीटें विभिन्न ट्रेडों हेतु ग्रेना क्षेत्र के लिए आवंटित की गई हैं। प्रथम चरण मेें सेक्टर स्कील काउंसिल-आॅटोमेटिव, इलैक्ट्रॉनिक्स तथा टेलीकॉम सेक्टर में प्रशिक्षण के लिए प्रस्तुतिकरण किए गए। प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सहयोग से संचालित किए जाएंगे। ग्रेटर नोएडा के ग्राम साकीपुर, रोशनपुर, गौतमपुरी दादरी, सैनी, कादलपुर, अनवरगढ़, नागला, छौलस, बबवार, प्रेमपुरी दनकौर, बिलासपुर एवं दौला राजपुरा आदि के युवक-युवतियों से प्रशिक्षण के संबंध में संपर्क किया जा रहा है। ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि कौशल विकास से संबंधित कार्यों को त्वरित एवं पेशेवर तरीके से निस्तारण एवं अनुश्रवण के लिए एक नए विभाग का गठन कर दिया गया है। नया विभाग कौशल विकास विभाग के नाम से जाना जाएगा, जिससे क्षेत्र के कृषकों के परिजनों एवं ग्रामीण युवक-युवतियों को रोजगार हेतु वांछित स्कील के मिसमैच को दूर किया जाना अति आवश्यक है। इसके अलावा 4 विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों से समन्वय स्थापित कर डाटाबेस तैयार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस संबंध में उद्यमियों से जानकारी भी मांगी है।