ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से जुड़ी बेहद अहम खबर सामने आई है। देश की नामचीन टाटा कंपनी जेवर एयरपोर्ट के निर्माण की जिम्मेदारी संभालेगी। टाटा कंपनी को महत्वूपर्ण कार्य करने होंगे। इसमें टर्मिनल, रनवे, एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, लैंड साइड सुविधाओं के अलावा सहायक इमारतों का निर्माण भी शामिल है। टाटा कंपनी जाना-पहचाना नाम है। अपने नाम के अनुरूप वह देश-विदेश में अपनी अलग पहचान रखती है। जेवर एयरपोर्ट के निर्माण कार्य का दायित्व बखूबी निभाने को कंपनी तैयार है।
समय से मिलेगी जेवर एयरपोर्ट की सौगात
माना जा रहा है कि सितंबर 2024 से पहले निर्माण कार्य करा लिया जाएगा। तदुपरांत वहां से उड़ान सेवा की शुरुआत हो जाएगी। जेवर एयरपोर्ट की सौगात समय से देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। नामी ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी ने 2019 में जेवर एयरपोर्ट को विकसित करने के लिए बिड प्राप्त की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विगत 25 नवंबर 2021 को इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। स्विस कंपनी की एसपीवी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा.लि. (वाईआईएपीएल) ने जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के लिए टेंडर निकाले थे। इसमें टाटा प्रोजेक्टस, एलएंडटी सहित 3 कंपनियों को शार्ट लिस्ट किया गया था। वाईआईएपील ने टाटा प्रोजेक्टस को एयरपोर्ट निर्माण के लिए चुना है।
महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही टाटा कंपनी
टाटा कंपनी को टर्मिनल, रनवे, एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, लैंडसाइड सुविधाएं और अन्य सहायक इमारतों का निर्माण कार्य करना होगा। कंपनी इस परियोजना के लिए इंजीनियरिंग, निर्माण सामग्री की आपूर्ति और निर्माण से जुड़ी तमाम गतिविधियों को पूरा करेगी। टाटा प्रोजेक्ट्स कंपनी इस वक्त दिल्ली में संसद भवन की नई इमारत, मुंबई ट्रांस-हार्बर लिंक, ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर के अलावा मुंबई, पुणे, दिल्ली, लखनऊ, अहमदाबाद व चेन्नई में मेट्रो परियोजनाओं पर काम कर रही है। एयरपोर्ट में टर्मिनल वन बिल्डिंग 90 हजार वर्ग मीटर में बनेगी। विकासकर्ता कंपनी के साथ किए गए अनुबंध के मुताबिक 30 सितंबर 2024 से पहले एयरपोर्ट से उड़ान शुरू हो जाएंगी।
उड़ान में देरी पर प्रतिदिन का जुर्माना
पिछले साल अक्तूबर में लखनऊ में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) और विकासकर्ता कंपनी के बीच 40 साल का अनुबंध हुआ था। इसके तहत 1 अक्तूबर 2021 से निर्माण शुरू करना माना गया है और 1095 दिन के अंदर संचालन शुरू होना है। अगर निर्माण कार्य व उड़ान में देरी होती है दस लाख रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगाया जाएगा। वाईआईएपीएल ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट भारतीय संस्कृति, आतिथ्य और स्विस तकनीक का संगम होगा। इसे अत्याधुनिक, आत्मनिर्भर और भारतीय परंपराओं से प्रभावित आर्किटेक्चर पर बनाया जाएगा। कंपनी ने बताया कि इस एयरपोर्ट का निर्माण कुछ इस ढंग से किया जाएगा कि पर्यावरण को बिल्कुल भी नुकसान ना पहुंचे।
पूरी तरह डिजिटल होगा एयरपोर्ट
यह एयरपोर्ट पूरी तरह डिजिटल होगा। परिवारों, बुजुर्गों और उद्यमी यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं यहां पर विकसित की जाएंगी। वाईआईएपीएल के सीईओ क्रिस्टोफ शनेलमैन ने कहा कि वह टाटा प्रोजेक्ट्स को नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण का काम देकर खुश हैं। अब यह परियोजना अगले चरण में प्रवेश कर गई है। साइट पर जल्दी ही निर्माण गतिविधियां नजर आने लगेंगी। 2024 तक एयरपोर्ट का टर्मिनल, रनवे आदि तैयार कर लिया जाएगा। इसकी क्षमता 1.2 करोड़ यात्री प्रति वर्ष होगी। उन्होंने कहा कि वह पर्यावरण हितैषी और टिकाऊ एयरपोर्ट का निर्माण करेंगे।
आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
यह एयरपोर्ट भारत में आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा। टाटा प्रोजेक्टस के सीईओ विनायक पाई ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट से जुड़ा काम हासिल करके उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है। टाटा प्रोजेक्ट्स और वाईआईएपीएल मिलकर देश का सबसे बड़ा, अत्याधुनिक और पर्यावरण हितैषी एयरपोर्ट बनाएंगे। इसके निर्माण में अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग करेंगे। एयरपोर्ट का यात्री टर्मिनल अद्भुत होगा। यह पूरी तरह से हरा-भरा होगा। ऊर्जा बचाने वाला मॉडल अपनाया जा रहा है।















