ग्रेटर नोएडा। डेडीकेटेड फ्रेड कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है। इस कॉरिडोर में ईस्टर्न एवं वेस्टर्न कॉरिडोर का भी महत्वूपर्ण रोल है। यह दोनों कॉरिडोर भविष्य में ग्रेटर नोएडा में दादरी के नजदीक आकर लिंक होंगे। वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का इंटरनल (आंतरिक) ट्रायल कर लिया गया है। इसके अलावा जुलाई-अगस्त तक ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का कार्य पूर्ण होने की प्रबल संभावना है। खुर्जा से दादरी के बीच यह सेक्शन है। इसकी लम्बाई लगभग 54 किलोमीटर है। कार्य पूर्ण होने के बाद ट्रायल रन होना है।
जानकारी के अनुसार डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के ईस्टर्न एवं वेस्टर्न कॉरिडोर का निर्माण चल रहा है। माल ढुलाई में दोनों कॉरिडोर अह्म भूमिका अदा करेंगे। दोनों कॉरिडोर निकट भविष्य में दादरी में बोड़ाकी के पास आकर लिंक हो जाएंगे। इसके बाद माल ढुलाई में काफी बदलाव आएगा। वेस्टर्न कॉरिडोर का दादरी तक ट्रायल रन पूर्ण हो चुका है। अब ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर काम होना है। डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर अखिलेश कुमार के मुताबिक दादरी सेक्सन का काम जुलाई-अगस्त तक पूरा हो जाएगा। यह करीब 54 किलोमीटर का ट्रैक है। इसका काम तेजी से किया जा रहा है। इसमें आरओबी का काम भी तेजी से पूरा किया जा रहा है।
इस सेक्शन का काम पूरा होने के बाद ट्रायल रन किया जाएगा। पहले आंतरिक ट्रायल होगा। इसके बाद कॉरिडोर का औपचारिक ट्रायल रन किया जाएगा। वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में 53 किलोमीटर का ट्रायल रन किया गया। पलवल के पृथला से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे तक रेल कार दौड़ाई गई। यह 100 किलोमीटर से चली। इसके बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से दादरी (पाली) तक रेल इंजन दौड़ाया गया। गौतमबुद्ध नगर जिले में वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का 17 किलोमीटर का हिस्सा आता है। यह रेलवे का आंतरिक ट्रायल था। इस दौरान कई तकनीकी खामियां पाई गई हैं। खाामियों को देखने के लिए तकनीकी टीम मुस्तैद रही।
इन खामियों को 30 जून तक दुरुस्त कर दिया जाएगा। डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर राजेंद्र सिंह के मुताबिक, तय समय पर काम पूरा कर लिया जााएगा। इसके बाद औपचारिक ट्रायल रन किया जाएगा। मुंबई से दादरी तक बन रहे वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर का काम पिछले साल दिसंबर तक पूरा किया जाना था। लेकिन, कोविड-19 के कारण कार्य को रोक दिया गया था। दोबारा काम में तेजी आई है। अब 30 जून तक पूरा करने का दावा किया गया है। वेस्टर्न कॉरिडोर पर मालगाड़ियों के आवागमन शुरू हो जाने से देश के साथ-साथ इस जिले को अधिक फायदा मिलेगा।
लॉजिस्टिक हब विकसित होगा। स्थानीय लोगों के लिए आमदनी और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। गौतमबुद्ध नगर जिले में वेस्टर्न कॉरिडोर की लंबाई 17 किलोमीटर है। लोगों की सहूलियत के लिए इस कॉरिडोर पर 5 ओवर ब्रिज और 13 अंडरपास बनाए गए हैं। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर ओवरब्रिज सबसे खास है। ओवरब्रिज मेट्रो लाइन और एक्सप्रेस वे के ऊपर से होकर गुजर रहा है। इसको भी सफलतापूर्वक बनाया गया है।
















