आरोपों की जल्द जांच पूरी कर लेगा नोएडा प्राधिकरण
नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में पर्थला गोल चक्कर पर निर्माणाधीन सिग्नेचर ब्रिज पर उभरा विवाद थम नहीं पाया है। इस प्रोजेक्ट के टेंडर में हेराफेरी की शिकायत मिलने के बाद नोएडा प्राधिकरण सकते में है। इस बीच शिकायकर्ता ने शुक्रवार को नोएडा प्राधिकरण का रूख किया। जहां अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) को शिकायत से अवगत कराया गया। टेंडर प्रक्रिया में धांधली की बिंदुवार जानकारी दी गई। पर्थला गोल चक्कर पर सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण का जिम्मा मंगलम बिल्डकॉन पर है। गढ़ी चौखंडी गांव निवासी एवं रिटायर्ड ऑडिटर ऑफिसर रतनपाल यादव का आरोप है कि नोएडा प्राधिकरण ने नियमों की अनदेखी कर इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का दायित्व मंगलम कंपनी को दिया है। विवाद बढ़ने पर नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रितु माहेश्वरी ने इस प्रकरण की जांच एसीईओ नेहा शर्मा को सौंपी थी। एसीईओ ने शुक्रवार को शिकायतकर्ता रतनपाल यादव को बुलाया। रतनपाल ने टेंडर में कथित धांधली के विषय में एसीईओ को बिंदुवार जानकारी दी। वहीं, एसीईओ को अवगत कराया गया कि संबंधित फर्म का निर्माणाधीन पुल विगत 29 अक्तूबर 2020 को मध्य प्रदेश के उज्जैन में धराशायी हो गया था। बाद में फर्म की लापरवाही के खिलाफ पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई की थी। ऐसे में जांच पूरी होने तक परथला गोल चक्कर पर सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण कार्य रोक देना चाहिए। वहीं, सपा के पूर्व महानगराध्यक्ष सूबे यादव ने ओवरब्रिज की गुणवत्ता पर चिंता जाहिर की। एसीईओ ने शिकायतकर्ता को भरोसा दिलाया कि टेंडर में धांधली की शिकायत गंभीरता से हो रही है। जांच जल्द पूरी होने की उम्मीद है।















