चयनित कंपनी 3 दशक तक संभालेगी संचालन की जिम्मेदारी
नोएडा। नोएडा शहर में हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए कवायद तेज हो गई है। सेक्टर-151-ए में प्रस्तावित हेलीपोर्ट के लिए ग्लोबल टेंडर जारी कर दिया गया है। नोएडा प्राधिकरण ने टेंडर में जरूरी शर्तें निर्धारित की हैं। कंपनी को 3 दशक तक हेलीपोर्ट का संचालन करना होगा। उधर, 31 जनवरी को प्री बिड मीटिंग बुलाई गई है। तदुपरांत 31 मार्च को तकनीकी बिड खोली जाएगी। इसी क्रम में फाइनेंशियल बिड खुलने के बाद कंपनी का चयन कर लिया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा। सेक्टर-151-ए में हेलीपोर्ट बनाने के लिए लंबे समय से प्रयास चल रहे हैं।
नोएडा प्राधिकरण इस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन में गंभीरता से जुटा है। हेलीपोर्ट का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर होना है। कार्य प्रारंभ होने पर लगभग एक साल में हेलीपोर्ट तैयार हो जाएगा। हेलीपोर्ट पर एक साथ 6 विमान खड़े हो सकेंगे। हेलीकॉप्टर की मरम्मत की भी व्यवस्था होगी। नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक हेलीपोर्ट 9.35 एकड़ में बनेगा। 500 वर्ग मीटर में टर्मिनल इमारत होगी। वहां 20 आने और 20 जाने वाले यात्रियों के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। हेलीपोर्ट का संचालन सिर्फ दिन में किया जाएगा।
इलेक्ट्रिक सब स्टेशन, फायर स्टेशन, चारदीवारी, आंतरिक सड़कें और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का प्रावधान भी रखा गया है। जो भी कंपनी हेलीपोर्ट के संचालन का दायित्व संभालेगी वह 3 दशक तक यह काम करेगी। नोएडा प्राधिकरण को भूमि लाइसेंस शुल्क और राजस्व शेयर प्रति यात्री के अनुसार दिया जाएगा। हेलीपोर्ट की अनुमानित लागत 43.13 करोड़ है। इसका डिजाइन बेल 412 (12 सीटर) के टेकआफ और लैंडिंग के अनुसार तैयार किया गया है। प्रस्तावित हेलीपोर्ट में वीवीआईपी या आपातकाल के समय 26 सीटर एमआई 172 भी उतारा जा सकेगा।















