रजिस्ट्री कराने को फ्लैट के हिसाब से जारी होगी ओसी
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण एक और बदलाव करने जा रहा है। भविष्य में रजिस्ट्री कराने के लिए फ्लैट के हिसाब से अधिभोग प्रमाण पत्र (ओसी) जारी की जाएगी। फिलहाल यह मंजूरी टावर के हिसाब से मिलती है। इस फैसले से कई हजार खरीदारों को राहत मिलेगी। यमुना प्राधिकरण ने अपने क्षेत्र में बिल्डरों को फ्लैट/भूखंड विकसित करने की सहमति दी है। अभी तक 5.5 हजार फ्लैटों की रजिस्ट्री हो चुकी है। यमुना प्राधिकरण ने 31 मार्च तक 2344 फ्लैट की रजिस्ट्री करने का टारगेट रखा है। रजिस्ट्री कराने में सबसे बड़ी दिक्कत बिल्डरों द्वारा बकाया नहीं जमा करने की थी। नतीजन उसकी अधिभोग प्रमाण पत्र (ओसी) नहीं मिल पा रही थी। ओसी नहीं होने से खरीदारों की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही थी। इस समस्या का समाधान कर यमुना प्राधिकरण ने अब फ्लैट के हिसाब से रजिस्ट्री की ओसी जारी करने का निर्णय किया है। अब कोई बिल्डर यदि 28 फ्लैटों का बकाया पैसा जमा कर देता है तो उसे उतने ही फ्लैटों की ओसी हो जाएगी। इसके बाद खरीदार रजिस्ट्री करा सकेंगे। यमुना प्राधिकरण में अभी तक टावर के हिसाब से ओसी जारी होती थी। अगर किसी टावर में एक हजार फ्लैट हैं तो सभी फ्लैटों का बकाया पैसा जमा कराने पर ओसी मिलती थी। बिल्डर बकाया नहीं जमा कर पा रहे थे और उन्हें ओसी नहीं मिल पा रही थी। इस कारण रजिस्ट्री में भी परेशानी आ रही थी। यमुना प्राधिकरण के इस फैसले से 2 फायदे होंगे। पहला फायदा यह कि खरीदारों को उनका फ्लैट मिल सकेगा। दूसरा फायदा खुद प्राधिकरण को होगा। प्राधिकरण का बिल्डरों पर 3000 करोड़ रुपए से अधिक का बकाया है। अधिक बकाया होने के कारण बिल्डर एक साथ पैसा नहीं जमा कर पा रहे थे। अब वह यूनिट के हिसाब से पैसा जमा कर सकेंगे।
















