आईएसओ प्रमाणित संस्था बनेगी यमुना प्राधिकरण

प्रयास शुरू, प्रशिक्षण देकर स्मार्ट किए जाएंगे कर्मचारी

ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण को आईएसओ प्रमाणित संस्था बनाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। यदि सब-कुछ ठीक-ठाक रहा तो यमुना प्राधिकरण जल्द आईएसओ प्रमाणित संस्था बन जाएगी। इससे विभाग की साख भी बढ़ेगी। इसका सर्वाधिक फायदा वित्त विभाग को मिलेगा। आईएसओ के मानक पूर्ण करने हेतु शीघ्र कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इसके मद्देनजर यमुना प्राधिकरण के कर्मचारियों को 90 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी क्रम में सर्वप्रथम यमुना प्राधिकरण को इंटरनेशनल फॉर ऑर्गेनाइजेशन स्टैंडर्डाइजेशन (आईएसओ) प्रमाण पत्र दिलाया जाएगा। आईएसओ प्रमाण पत्र मिलने से पहले संस्था यमुना प्राधिकरण का दौरा करेगी। संस्था वहां के काम-काज को देखेगी। मानकों पर खरा उतरने के बाद उसे यह प्रमाण पत्र मिलेगा। यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि आईएसओ प्रमाण पत्र के लिए शीघ्र आवेदन किया जाएगा। आवेदन करने के बाद आईएसओ संबंधित सभी मानक पूरे किए जाएंगे। प्रमाण पत्र देते समय संस्था कर्मचारियों की कार्यशैली, उनके काम करने के घंटे, समयबद्ध तरीके से काम का निष्पादन, टीम वर्क, विश्वस्तरीय सुविधाएं देना सहित तमाम बिंदुओं को परखती है। इसके लिए सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। यह प्रशिक्षण 3 माह का होगा। प्रशिक्षण के बाद संस्था इन सभी बिंदुओं पर ऑडिट करेगी। ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद संस्था को यमुना प्राधिकरण को आईएसओ प्रमाण पत्र मिल जाएगा। सीईओ ने बताया कि सभी तरह की कमियों को दूर किया जाएगा। इसका सबसे अधिक फायदा वित्त विभाग को मिलेगा। वित्त विभाग में अभी तक अधिकतर काम मैनुअल होते हैं। इसके बाद सभी कार्य ऑनलाइन होने शुरू हो जाएंगे। उदाहरण के तौर पर यदि कोई आवंटी प्राधिकरण के खाते में पैसा जमा करता है तो वह अकाउंट में अपडेट नहीं हो पाता है। वह रसीद प्राधिकरण में जमा करता है। प्राधिकरण में उसे मैनुअल अपडेट किया जाता है, मगर आईएसओ प्रमाण पत्र लेने से पहले यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन करनी होगी। सीईओ ने बताया कि अब सभी मानकों को पूरा किया जाएगा ताकि यह प्रमाण पत्र मिल सके। गौरतलब है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को पहले ही आईएसओ प्रमाण पत्र मिल चुका है।