यमुना प्राधिकरण नरम, स्पोर्ट्स सिटी में आएगी बहार

10 प्रतिशत राशि के लिए जेपी समूह को भेजा पत्र

ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) और नामचीन जेपी समूह के बीच तल्खी कम होती दिखाई दे रही है। बोर्ड बैठक से प्रस्ताव पारित होने के बाद यमुना प्राधिकरण ने जेपी स्पोर्ट्स कंपनी को 10 प्रतिशत राशि का भुगतान करने के लिए पत्र भेजा है। ऐसे में भूमि का आवंटन बहाल होने की उम्मीद बढ़ गई है। बकाया राशि के चक्कर में जेपी स्पोर्ट्स सिटी की रौनक लंबे समय से गायब है। आवंटन की बहाली से इस सिटी में खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकेगा। यमुना प्राधिकरण और जेपी ग्रुप के मध्य बकाया राशि को लेकर विवाद चल रहा है। इस विवाद का अब पटाक्षेप होने की संभावना है। बोर्ड से प्रस्तावित पारित होने के बाद यमुना प्राधिकरण ने जेपी स्पोर्ट्स कंपनी को पत्र भेजकर 10 प्रतिशत राशि जमा करने पर जोर दिया है। यह राशि जमा होने पर बकाया जमा करने हेतु किस्त निर्धारित की जाएगी। यमुना प्राधिकरण ने 2009 में जेपी समूह की कंपनी को एक हजार हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया था। जेपी स्पोर्ट्स सिटी में देश का पहला फॉर्मूला वन रेसिंग ट्रैक बनाया गया था। इसके अलावा वहां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम भी है। इसके अतिरिक्त काउंटी होम वन एवं टू, क्रोम, ग्रीन क्रेस्ट होम, स्पोर्ट्स विला, कासिया, बुद्धा सर्किट स्टूडियो इत्यादि हाउसिंग प्रोजेक्ट हैं। फिलहाल यह परियोजना अधूरी हैं। जेपी स्पोर्ट्स कंपनी पर लगभग 950 करोड़ रुपए बकाया होने पर यमुना प्राधिकरण ने 12 फरवरी 2020 को भूमि का आवंटन निरस्त कर दिया था। इसके बाद जेपी समूह ने यमुना प्राधिकरण के खिलाफ हाईकोर्ट का रूख किया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जेपी कंपनी ने 100 करोड़ रुपए का भुगतान किया। तदुपरांत जेपी समूह ने निरस्त आवंटन की बहाली के लिए यमुना प्राधिकरण में आवेदन किया। आवेदन में बकाया राशि 2030 तक जमा करने की अपील की गई। गत 28 जून को बोर्ड बैठक में शर्तों के साथ आवंटन बहाल करने की मंजूरी दे दी गई। बोर्ड ने कहा था कि जेपी समूह को बकाया 2023 तक जमा करना होगा। इसके अलावा री-शेडयूलमेंट कराने को बकाए का 10 प्रतिशत जमा करना होगा। यमुना प्राधिकरण अब बोर्ड के पारित प्रस्ताव के मुताबिक जेपी स्पोर्ट्स कंपनी को पत्र भेज दिया है। पत्र में 10 प्रतिशत पैसा जमा करने को कहा गया है।