छोटे व मध्यम पटाखा उद्योगों के लिए कारगर होगी नयी मशीन
सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ टूल डिज़ाइन (सीआईटीडी) ने वायुचालित प्रणाली का किया इजाद
उदय भूमि ब्यूरो, नई दिल्ली।
दिवाली में आतिशबाजी में सबसे पसंदीदा पटाखा में अनार होता है, और इस अनार को सस्ता करने लिए सरकार ने एक अच्छी पहल की है। अब तक बिजली चालित यंत्र या फिर खतरनाक तरीके से आतिशबाजी वाले अनार बनते थे। हैदराबाद के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम टूल रूम सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ टूल डिज़ाइन (सीआईटीडी) ने वायुचालित प्रणाली पर काम करनेवाली मशीन का इजाद किया है। वायुचालित प्रणाली पर आधारित मशीन होने के कारण इसको चलाने के लिये बिजली या इलेक्ट्रॉनिक्स की जरूरत नहीं है। इसलिए, इस मशीन से उत्पादन होने पर आतिशबाजी उद्योगों के क्षेत्र में अक्सर होने वाली आगजनी की घटनाओं पर लगाम लग जायेगा। मशीन की मदद से अब पटाखा के क्षेत्र में लगे सूक्ष्म व मध्यम उद्योगपतियों को आतिशबाजी वाले अनार बाजार की मांग के हिसाब से बना सकेंगे। सीआईटीडी ने शंक्वाकार आकार के पटाखे (अनार) के उत्पादन के लिए स्वचालित मशीन बनाया है। इस संस्था ने नये मशीन के आविष्कार का पेटेंट भी लिया है। इस मशीन से उद्योग में लगे श्रमिकों को थकान भी नहीं होगी और खतरनाक वातावरण में काम भी नहीं करना होगा। मशीन की पूरी प्रक्रिया स्वचालित है। इस पूरी प्रक्रिया में बहुत कम श्रम की जरूरत होगी। कंपनी का मानना है कि पटाखा उद्योग में मशीन को संभालना लोगों के लिए पूर्णतया सुरक्षित है।
मशीन बनानेवाली संस्था का यह है स्वरूप
सीआईटीडी भारत सरकार का एक संगठन है जो एमएसएमई मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करता है। यह वर्ष 1968 में स्थापित किया गया था और उपकरण डिजाइन, सीएडी/सीएएम, कम लागत स्वचालन आदि के क्षेत्र में तकनीकी कर्मियों को प्रशिक्षित करने का एक अग्रणी संस्थान है।
यह है आतिशबाजी वाले अनार मशीन के मॉडृयूल
सीआईटीडी ने मॉड्यूल -1 (फ्लावर पॉट केमिकल फिलिंग और पैकिंग को मिलाकर) के लिए काम किया है। पूरी परियोजना में 10 अलग-अलग हिस्से शामिल किये गए हैं, जिनमें पेपर कटिंग और पेस्टिंग, केमिकल फिलिंग, वॉशर इंसर्शन व रैमिंग, मड फिलिंग एवं सीलिंग आदि प्रमुख हैं।
















