नशे के खिलाफ बुलंद की आवाज, सम्पूर्ण समाधान दिवस में चला हस्ताक्षर अभियान

डीएम सहित कई अधिकारियों ने किए हस्ताक्षर

उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। संपूर्ण समाधान दिवस के मौके पर नेहरूनगर स्थित सामुदायिक भवन में जिला प्रशासन, जिला समाज कल्याण विभाग एवं सामाजिक संस्था भागीरथ सेवा संस्थान द्वारा नशे के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। संपूर्ण समाधान दिवस के मौके पर लोगों को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया एवं लोगों को लीफलेट भी वितरित किए गए।
हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत जिलाधिकारी डॉ अजय शंकर पांडेय द्वारा की गई। उनके बाद बारी-बारी से कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने हस्ताक्षर कर नशे के खिलाफ जंग लडऩे की शपथ ली। इस अवसर पर पत्रकार अदिति उन्मुक्त की नाट्य संस्था द्रौपदी एक आवाज कला मंच द्वारा नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसकी थीम थी, नशा बिगाड़े दशा। अदिति उन्मुक्त द्वारा निर्देशित इस नाटक में नवीन, सागर ठाकुर, राजू पाठक, रितिक और टीना ने अभिनय किया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को नशे से होने वाले नुकसान और स्वास्थ्य पर पडऩे वाले बुरे प्रभाव से अवगत कराया गया और साथ ही साथ अपील भी की गई नशा मुक्त होकर स्वस्थ जीवन को अपनाएं। जिला समाज कल्याण अधिकारी संजय व्यास ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा नशा मुक्ति के लिए देश के 272 जिलों में अभियान चलाया जा रहा है, जिनमें गाजियाबाद भी शामिल है। उसी अभियान के तहत जिला प्रशासन समाज कल्याण विभाग और भागीरथ सेवा संस्थान द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी श्रृंखला में आज नेहरू नगर स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान हस्ताक्षर अभियान चलाया गया एवं समाधान दिवस में आने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों एवं लाभार्थियों को लीफलेट भी वितरित किए गए और नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया।

श्री व्यास ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम 31 मार्च तक पूरे जनपद में जारी रहेंगे और लोगों को नशाखोरी के खिलाफ जागरूक किया जाएगा। मौत के सामान नशे को दूर भगाने के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने चेताया कि अगर अभी नहीं संभले तो सब कुछ बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि कठुआ की नौजवान पीढ़ी विशेषकर पारलीवंड का क्षेत्र तो पूरी तरह से नशे में डूबा है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो शहर में युवा पीढ़ी का विनाश हो जाएगा। शहर के जो हालात है,उस पर सभी को चिंतित होने की जरूरत है।