कोरोना संक्रमण की रोकथाम को प्रेरित किया जा रहा
नगर पंचायत प्रशासन को गलती का अहसास कराया
उदय भूमि ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर।
कोरोना संक्रमण की रोकथाम को जन जागरूकता अभियान चलाकर स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित कर रहे व्यक्तित्व निर्माण से जुड़े शिक्षक ने नगर पंचायत प्रशासन को भी उसकी गलती का अहसास कराया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों को धरातल पर साकार कराने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता मिशन के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हरीश हूण व्यक्तित्व निर्माण से जुड़े शिक्षक हैं, जो जनपद हापुड़ के साथ ही देश के कई राज्यों में भी व्यक्तित्व निर्माण की शिक्षा दे रहे हैं। जिसकी एवज में वे कई बार सम्मान से नवाजे जा चुके हैं। कोविड-19 के महामारी काल में वह अपने गृह जनपद हापुड़ में अपना पूरा समय समाज सेवा के साथ ही स्वच्छ भारत अभियान एवं शासन से जुड़ीं जनहित वाली योजनाओं के प्रति जागरूकता फैलाने में व्यतीत कर रहे हैं। हरीश हूण ने बताया कि जनपदीय सीमा पर स्थित मेरठ की एक नगर पंचायत द्वारा रोजमर्रा की साफ सफाई में एकत्र होने वाले कूड़े कचरे को नहर पटरी से होकर जनपद हापुड़ में आने वाले मुख्य मार्ग पर खुले में डाला जा रहा था, जिससे केंद्र सरकार के स्वच्छता मिशन को पलीता लगने के साथ ही कोरोना संक्रमण काल में कई तरह की गंभीर बीमारी फैलने का खतरा मंडरा रहा था, जबकि बड़े स्तर पर दुर्गंध उठने से राहगीरों को उक्त मार्ग पर आवागमन करना भी बड़ी चुनौती बनी हुई थी। हरीश हूण ने बताया कि करीब दो माह के कड़े संघर्ष के बाद नगर पंचायत प्रशासन को अपनी गलती स्वीकार करनी पड़ी। हरीश हूण ने बताया कि नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी नेवादा किया है कि हापुड़ और मेरठ जनपद की सीमा से जुड़े मार्ग पर अब किसी भी तौर पर खुले में कूड़ा कचरा नहीं डाला जाएगा, जबकि मौके पर पड़े कूड़ा करकट को महज दिन के अंदर हटवाकर उचित ढंग में साफ सफाई भी कराई जाएगी।















