पुरानी पेंशन बहाली सहित 9 सूत्रीय मांगों को लेकर 7 को होगा आंदोलन

-शत प्रतिशत विभाग के कार्मिक करेंगें भागीदारी पर्यवेक्षकों की देखरेख में होगा धरना

लखनऊ/ ब्यूरो। कई राज्यों में पुरानी पेंशन बहाली से उत्साहित प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने पुरानी पेंशन बहाली सहित नौ सूत्रीय मांगों को लेकर एक बार फिर आन्दोलन का रूख अख्तियार किया है। परिषद के शीर्ष नेतृत्व निर्णय के अनुसार प्रदेश की राजधानी सहित सभी जनपद मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना कार्यक्रम 7 नवम्बर को किया जा रहा है। इस धरनें में राजधानी के समस्त विभागों की शत प्रतिशत भागीदारी होगी। शुक्रवार को प्रेसवार्ता के दौरान परिषद की जिलाध्यक्ष अमिता त्रिपाठी और जिला मंत्री सुभाष चन्द्र तिवारी व उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि कर्मचारी समाज से अपील की है कि इस धरने में उनकी अधिकाधिक उपस्थिति ही उन्हें पुरानी पेंशन दिलाएगी।

उन्होंने बताया कि 7 नवंबर के धरने के लिए उनके परिषद से सम्बंध सभी घटक संघ, एसोसिएशन के पदाधिकारियों से वार्ता हो चुकी है। धरनें के समीक्षा के लिए इं. एनडी. द्विवेदी अध्यक्ष डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ लोक निर्माण विभाग, अमरजीत मिश्रा महासचिव ड्राइंग स्टाफ एसोसिएशन, श्रीमति किरन दुबे प्रदेश महामंत्री मातृशिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ, रजनीश अरोरा वरिष्ठ उपाध्यक्ष उ.प्र. औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ, बृजेन्द्र कुमार सिहं प्रान्तीय महामंत्री राजकीय उ.प्र. औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ,परशुराम कश्यप प्रदेश अध्यक्ष चतुर्थ श्रेणी पुलिस परिवार वेलफेयर एसोसिएशन पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए है।

पत्रकार वार्ता में अमिता त्रिपाठी, सुभाषचन्द्र तिवारी व ने बताया कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ.प. के प्रान्तीय नेतष्त्व द्वारा राज्य कर्मचारियों के सेवाहितों को बनाये रखने व पुरानी पेंषन व्यवस्था बहाली, राज्य कर्मचारियों को केन्द्र के समान भत्तों की मांग, पं. दीनदयाल उपाध्याय कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना एवं वेतन विसंगतियों का निस्तारण एवं शासनादेष के निर्देषानुसार सेवा संगठनों से नियमित बैठक करने व अन्य मांगों के समर्थन में 7 नवंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्रेरणा स्थल (बीएन सिंह की प्रतिमा स्थल) जिलाधिकारी आवास के सम्मुख षन्तिपूर्ण धरना किया जायेगा। जिसमें परिषद से सम्बद्ध संगठनों के कर्मचारियों द्वारा भाग लिया जायेगा। दोपहर 3 बजे जुलूस प्रेेरणा स्थल से प्रारम्भ होकर जिलाधिकारी लखनऊ के कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन प्रेषित किया जायेगा।

परिषद के प्रदेशव्यापी आन्दोलन के पहले चरण में सात नवम्बर के एक दिवसीय धरने की समीक्षा के उपरान्त प्रदेश की प्रान्तीय कार्यकारिणी के अगले निर्णयानुसार जिला शाखा अपनी रणनीति तैयार करेगी। उन्होनेे बताया कि परिषद की मुख्य मांगों में 1 अप्रैल 2005 से पूर्व चयनित प्रषिक्षणाधीन राजस्व लेखपाल व अन्य संवर्ग को पुरानी पेंशन व्यवस्था से आच्छादित किया जाये। राज्य कर्मचारियों और शिक्षकों के रोके गए तथा समाप्त किये गये महंगाई व अन्य भत्ते बहाल किए जायें। विभागीय पदोन्नति किये जाते समय पोशक पद पर कार्यरत कार्मिक को पदोन्नति के लिए पात्र माने जाने एवं किन्तु विभागीय कार्यवाही प्रचलित होने के कारण पदोन्नति का पद नही दिया जाता है।

लेकिन पदोन्नति सवंर्ग में एक पद रिक्त रखा लिया जाता है तथा परिणाम बन्द लिफाफा में रखा जाता है। ऐसी स्थिति में कार्मिक का एक साथ दो पदों पर धारणाधिकार रहता है। इस कारण जहां पोशक संवर्ग में एक पद तथा पदोन्नति संवर्ग में भी एक पद संरक्षित रहता है, इस विसंगति को दूर किया जाय। विभिन्न विभागों में चल रहे रिक्त पदों पर विभागवार अभियान चलाकर निर्धारित पदों के सापेक्ष तष्तीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की भर्ती की जाये। प्रेस वार्ता में अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे।