लिखी थी विकास की इबारत होने लगा विनाश

उदय भूमि ब्यूरो
पिलखुआ।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने पिलखुआ शहर पर लगभग साढ़े चार किलोमीटर लंबाई का फ्लाईओवर ब्रिज बना दिया। इससे पिलखुआ को जाम से तो मुक्ति मिल गई लेकिन नेशनल हाईवे स्थित इन दुकानदारों के प्रतिष्ठानों से रौनक चली गई। अंदर से गुजरने वाला ग्राहक अब एक्सप्रेसवे से पिलखुआ से ऊपर ही होकर गुजरने लगा। फलस्वरूप आज 2 दर्जन से अधिक दुकानों पर ताले भी लटक गए है। इनके काम पूर्णतया बंद हो गए। ग्राहकों का अभाव रहा। आज पिलखुआ के हैंडलूम उत्पादों को बेचने वाली दर्जनों दुकानें पूर्णतया बंद हो चुकी हैं। तो कुछ बंदी कि कगार पर है। क्योंकि यहां पहले जो ग्राहक नीचे से गुजरता था। अब वह पिलखुआ के एक सिरे से चढ़कर दूसरे सिरे पर ही उतरता है। क्योंकि लोकल के वाहनों को छोड़कर सभी ऊपर से ही गुजर जाते हैं। जिस कारण इन दुकानदारों के पास कोई ग्राहक ही नहीं आता। इस तरीके से फ्लाईओवर बनाकर विकास की जो इबारत लिखी गई उसके परिणाम विनाश की कहानी। लिखने लगे हैं। यहां हाईवे पर पडऩे वाले रेस्टोरेंट्स ढाबे तथा अन्य कारोबारी भी हाथ पर हाथ रखे बैठे रहते हैं। तो अनेक आपना कारोबार समेट कर चले गए। यदि व्यापारियों की माने तो अभी काफी दुकान बंद होने की कगार पर है। जिससे विकास की इबारत के बाद यहां विनाश की इबारत जाने से व्यापारियों में मायूसी छाई हुई है।