आठ महीने बाद होने वाली नगर निगम बोर्ड बैठक एक बार फिर टली
गाजियाबाद। मंगलवार को आठ महीने बाद होने जा रही प्रस्तावित नगर निगम बोर्ड बैठक स्थगित कर दी गई है। स बार बोर्ड की बैठक को स्थगित करने का कारण विधान परिषद के चुनाव बताए गए हैं। विधान परिषद के चुनाव के लिए आचार संहिता लागू की गई है। इसी आचार संहिता के चलते निगम बोर्ड की बैठक को स्थगित कर दिया गया है। इससे पहले 17 फरवरी को बोर्ड की बैठक हुई थी। बोर्ड की इस बैठक में कई मुद्दों को लेकर काफी विवाद हुआ था। कई पार्षदों ने इस बैठक का बहिष्कार कर दिया था। उनका कहना था कि यह बैठक वैद्यानिक नहीं थी। बाद में मामला विधान परिषद तक पहुंच गया। इसी विवाद के चलते बाद में बोर्ड की इस बैठक को स्थगित कर दिया गया। तब से मंगलवार को आठ महीने हो गए, मगर निगम बोर्ड की बैठक नहीं हो पाई है। गत दिनों निगम बोर्ड की इस बैठक को लेकर काफी विवाद हुआ था। इसी विवाद के चलते बाद में निगम बोर्ड की बैठक को शून्य घोषित कर दिया गया। इसके बाद निगम बोर्ड की बैठक कराने को लेकर हंगामा शुरू हुआ। हाल ही में गैर भाजपा पार्षदों ने तीन नवंबर से बोर्ड की बैठक बुलाने की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद मेयर आशा शर्मा ने निगम बोर्ड की बैठक तीन नवंबर को बुलाने की घोषणा की। बोर्ड की यह बैठक आरकेजीआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में होनी थी, मगर अब फिर से यह बोर्ड की बैठक स्थगित हो गई है। मेयर आशा शर्मा का कहना है कि पार्षदों का विरोध बेबुनियाद है। एमएलसी चुनाव की तारीख और आचार संहिता लगने की कोई जानकारी नहीं थी। इसलिए बोर्ड बैठक की तारीख 3 नवंबर को निर्धारित की गई थी। दिसंबर में एमएलसी चुनाव होंगे। इसके बाद तत्काल कोई तारीख निर्धारित कर नगर निगम की बोर्ड बैठक कराई जाएगी। बता दें कि नगर निगम की बोर्ड बैठक में करोड़ों रुपए के विकास कार्यों के प्रस्ताव व नीतिगत मुद्दों पर चर्चा करने के लिए प्रस्ताव रखे जाते। वहीं,बैठक में शारीरिक दूरी के नियमों का पालन से लेकर पार्षदों द्वारा हंगामा किए जाने के प्रबल आसार दिख रहे थे। मगर पार्षदों के अरमानों पर पानी फिर गया। एमएलसी चुनाव और आचार संहिता लागू होने से बोर्ड बैठक स्थगित की गई। नगर निगम सदन के सचिव प्रमोद कुमार ने बताया कि दस दिन पूर्व नगर निगम बोर्ड की बैठक मंगलवार को प्रस्तावित थी। कोरोना की वजह ये बैठक निगम सभागार की बजाय आरकेजीआईटी में प्रस्तावित थी। इस बीच शासन ने रिक्त हुए विधान परिषद सदस्यों के निर्वाचन की घोषणा कर दी गई। इसकी वजह से पूरे प्रदेश में आचार संहिता लग गई। इसे देखते हुए निगम बोर्ड की बैठक स्थगित कर दी गई है। अगली बोर्ड बैठक सूचना बाद में दी जाएगी।















