आमदनी बढ़ाने का नगर आयुक्त ने तैयार किया फुलप्रूफ प्लान

 गाजियाबाद नगर निगम में लागू होगा प्रॉपर्टी टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम

 जीआईएस सर्वे के जरिये संपत्ति पर टैक्स का निर्धारण करेगा नगर निगम

 वसुंधरा में पूरा हुआ सर्वे का काम, नगर निगम के अन्य जोन में सर्वे शुरू

उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। नगर निगम के सबसे विवादित टैक्स विभाग की नकेल कसने की कवायद तेज हो गई है। जल्द ही जीआईएस सर्वे का काम पूरा हो जाएगा और गाजियाबाद में प्रॉपर्टी टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम (पीटीएमएस) को लागू कर दिया जाएगा। इससे ना सिर्फ आम लोगों को राहत मिलेगी बल्कि टैक्स विभाग के बाबुओं और अधिकारियों के खेल पर भी विराम लग जाएगा। यही नहीं टैक्स वसूली में भी बढ़ोत्तरी होगी। इससे शहर में विकास कार्यों में तेजी आएगी। पीटीएमएस को इस तरह से लागू किया जाएगा कि इसमें बाबुओं की दखलंदाजी ना के बराबर रहेगी और टैक्स एसेस्मेंट का काम कंप्यूटर के जरिये होगा। म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर ने पीटीएमएस को प्राथमिकता में शामिल किया है और इस पर काफी तेजी से काम हो रहा है। योजना को लेकर म्युनिसिपल कमिश्नर की इस सक्रियता का असर भी दिखाई देने लगा है। अभी सिर्फ वसुंधरा जोन में इस पर अमल हो रहा है, लेकिन इससे नगर निगम के टैक्स वसूली में बढ़ोत्तरी होने लगी है।
नगर निगम का हाउस टैक्स विभाग भ्रष्टाचार को लेकर अक्सर विवादों में रहता है। सुविधा शुल्क लेकर लोगों के मकान पर मनामाना टैक्स लगाने और टैक्स कम करने के अक्सर आरोप लगते रहते हैं। कामर्शियल और रेजीडेंशियल प्रॉपर्टी की आड़ में भी खूब खेल होता है। इसका नुकसान नगर निगम को होता है। नगर निगम की आमदनी कम रहती है और इससे शहर के विकास की योजनाओं को अमलीजामा पहनाने में परेशानी होती है। म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर आमदनी बढ़ाने के लिए पीटीएमएस को प्राथमिकता से लागू करवा रहे हैं। अगले 6 महीने में सर्वे का काम पूरा हो जाएगा। उसके बाद टैक्स वसूली भी बढ़ जाएगी। वित्तीय वर्ष 2021-22 में नगर निगम की आमदनी 200 करोड़ रुपये को पार कर जाएगी। महेंद्र सिंह तंवर ने एक वर्ष में कम से कम 40 से 50 करोड़ रुपये टैक्स वसूली बढ़ाने का लक्ष्य रखा है और उस दिशा में कई कारगर प्रयास किये हैं। इन प्रयासों का नतीजा भी दिखाई दे रहा है। टैक्स वसूली में यह बढ़ोत्तरी एक बड़ी उपलब्धि होगी। महेंद्र सिंह तंवर ने कोरोना संकटकाल में गाजियाबाद नगर निगम का चार्ज लिया और उन्हें अभी छह महीने भी नहीं हुए हैं। लेकिन टैक्स वसूली की रफ्तार बढ़ गई है। दिसंबर महीने तक ही 112 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली हो चुकी है। ऐसे में मार्च तक यह आंकड़ा काफी बढ़ जाएगा। पीटीएमएस लागू होने के बाद 200 करोड़ रुपये के टैक्स वसूली के लक्ष्य को भी हासिल कर लिया जाएगा।

वसुंधरा में काम पूरा, कविनगर और सिटी जोन में सर्वे शुरू
पीटीएमएस योजना के तहत 3,29,604 प्रॉपर्टी का जीआईएस सर्वे कर रिकार्ड अप-टू-डेट किया जाना है। इसमें से 95,642 प्रॉपर्टी का जीआईएस रिकार्ड ले लिया गया है और 38,442 प्रॉपर्टी का मिलान भी करा लिया गया है। वसुंधरा जोन में 1,21,897 प्रॉपर्टी हैं, जिनका सर्वे हो गया है और प्रॉपर्टी का मिलान किया जा रहा है। वसुंधरा जोन के बाद अब कविनगर और सिटी जोन के साथ मोहन नगर जोन में भी सर्वे शुरू हो गया है।

वार्डवाइज होगा सर्वे
प्रत्येक वार्ड का अलग-अलग सर्वे किया जा रहा है। अलग-अलग सर्वे होने से नगर निगम के पास यह रिकार्ड रहेगा कि किस वार्ड से कितने टैक्स की वसूली हुई है। इसी सर्वे के आधार पर हाउस टैक्स की रसीद दी जाएगा। नगर निगम की योजना है कि कामकाज के तरीके को कंप्यूटराइज किया जाये, जिससे कि मानवीय हस्तक्षेप कम से कम हो। ऐसे में गड़बड़ी की संभावनाएं भी काफी कम हो जाएंगी।

किसी भी संस्था को स्वाबलंबी बनाने के लिए उसकी आमदनी को बढ़ाना जरूरी है।  टैक्स वसूली की गड़बड़ियों को दूर करने के लिए प्रॉपर्टी टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत जीआईएस सर्वे के आधार पर टैक्स लगाया जाएगा। इसके लागू होने से लोगों की टैक्स से संबंधित शिकायतों पर विराम लगेगा। ऐसा सिस्टम बनाया जा रहा है कि यदि टैक्स को लेकर किसी को कोई आपत्ति है तो जोनल आॅफिस में निर्धारित अवधि के अंदर शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा। टैक्स वसूली का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है उसे हर हाल में हासिल किया जाएगा।

महेंद्र सिंह तंवर
म्युनिसिपल कमिश्नर गाजियाबाद।