खोये हुए जमीन को ढूढेंग़ा जीडीए

जीडीए उपाध्यक्ष ने 13 हेक्टेयर जमीन खोजने की शुरू की कवायद

गाजियाबाद। जीडीए ने खोये हुए जमीन को ढूढ़ंने की कवायद शुरू कर दी है। जीडीए की काफी ऐसी जमीनें हैं, जो जीडीए के रिकार्ड में तो है, लेकिन उसका अता-पता नहीं है। ऐसे जमीन या तो जीडीए के कब्जे में नहीं आई है या फिर यह भी संभव है कि इन जमीनों पर कब्जा कर लिया हो। जीडीए की इन बेसकीमती जमीनों की कीमत हजारों करोड़ो में है। जीडीए उपाध्यक्ष को यह भी शिकायत मिली है कि कुछ जमीनों पर कुछ लोगों द्वारा अवैध निर्माण भी कर लिया गया है। ऐसे में जमीन को खोजने के लिए इसकी कांबिंग कराई जाएगी। इंदिरापुरम पॉश कालोनी की 13 हेक्टेयर जमीन का पता लगाने के लिए अब कवायद तेज हो गई हैं।
जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश के निर्देश पर अब इसकी जांच ओएसडी सुशील कुमार चौबे को सौंपी गई हैं। जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर भू-अर्जन, प्रवर्तन अनुभाग के अलावा अभियंत्रण खंड के अभियंताओं को भी इस जमीन को तलाशने के लिए लगाया गया है। इंदिरापुरम आवासीय कालोनी के लिए जीडीए ने मकनपुर, कनावनी और प्रहलाद गढ़ी गांव की कुल 523.44 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया था। इसमें से अब तक 510.42 हेक्टेयर जमीन को अधिगृहीत किया गया। कुल 13.02 हेक्टेयर जमीन का कोई अता-पता नहीं है। इंदिरापुरम में जीडीए की यह 13 हेक्टेयर जमीन की वर्तमान कीमत करीब 1000 करोड़ बताई गई है। जमीन का मिलना तय है। इसको बेचने के लिए विशेष नीलामी का आयोजन होगा। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने बताया कि अवैध निर्माण की मिली शिकायत पर जांच कराई गई है। लोनी क्षेत्र में अवैध निर्माण तेजी से बढ़ रहे हैं। जीडीए उपाध्यक्ष ने जीडीए के दूसरे प्रवर्तन खंड के प्रभारियों से जांच कराए जाने के निर्देश जारी किए हैं। पता चला है कि अवैध रूप से कालोनी विकसित किए जाने की भी एक शिकायत मिली है। जीडीए उपाध्यक्ष ने हाल ही में एक सुपरवाइजर समेत 4 को निलंबित किया गया है। जबकि 2 अवर अभियंताओं के निलंबन की संस्तुति शासन से की गई। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश का कहना है कि इंदिरापुरम योजना में अधिगृहीत जमीन से अलग 13 हेक्टेयर जमीन का रिकार्ड नहीं हैं। जमीन को तलाश करने की जिम्मेदारी ओएसडी भू-अर्जन सुशील कुमार चौबे को सौंपी गई है। जमीन मिलने के बाद इस जमीन को नीलामी में बेचा जाएगा। आय बढ़ाने के लिए खाली पड़ी संपत्तियों को बेचा जा रहा है। अवैध निर्माण की शिकायत पर जांच के निर्देश दिए गए हैं।