म्यांमार में तख्तापलट, सेना के हाथ में सत्ता

देश की सर्वोच्च नेता आंग सान सू गिरफ्तार

नई दिल्ली। म्यांमार से बड़ी खबर सामने आ रही है। म्यांमार में सेना ने एकाएक तख्ता पलट कर दिया है। देश की सर्वोच्च नेता आंग सान सू ची सहित कुछ प्रभावशाली नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। सत्ता हाथ में लेने के बाद सेना ने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है। उधर, भारत ने म्यांमार के हालात पर चिंता जाहिर की है। भारत का कहना है कि वह बदले घटनाक्रम पर पैनी नजर रख रहा है। म्यांमार में सोमवार को तड़के सेना ने बड़ा कदम उठाया। देश की सर्वोच्च नेता आंग सान सू ची सहित कई नेताओं को एकाएक गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में सेना के टीवी चैनल पर कहा गया कि देश में एक साल तक आपातकाल रहेगा। म्यांमार की राजधानी नेपीटाव और मुख्य शहर यंगून में सड़कों पर हर जगह सैनिक तैनात कर दिए गए हैं। जानकारों का कहना है कि म्यांमार में सरकार और सेना के मध्य नवंबर में संपन्न चुनाव के परिणाम को लेकर कुछ समय से तनाव की स्थिति थी। चुनाव में सू ची की नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी पार्टी ने भारी अंतर से जीत दर्ज की थी, मगर सेना का दावा है कि चुनाव में धांधली हुई। सेना ने सोमवार को संसद की बैठक को स्थगित करने का आह्वान किया था। म्यांमार में 2011 में लोकतांत्रिक सुधारों से पहले तक सैन्य सरकार थी। सेना ने सोमवार को बयान दिया कि सत्ता सैन्य प्रमुख मिन आंग लाइंग को सौंप दी गई है। म्यांमार के अधिकांश बड़े शहरों में मोबाइल इंटरनेट डेटा और फोन सर्विस बंद हो गई हैं। सरकारी चैनल एमआरटीवी ने तकनीकी समस्याओं का हवाला दिया है। म्यांमार की राजधानी नेपिडॉ के साथ संपर्क टूट चुका है। वहां संपर्क साधना मुश्किल हो गया है। म्यांमार की पूर्व राजधानी और सबसे बड़े शहर यंगून में फोन लाइन और इंटरनेट कनेक्शन सीमित हो गया है। उधर, अमेरिका ने भी म्यांमार में बदले घटनाक्रम पर चिंता जाहिर की है।