– सरस्वती पूजन के अवसर पर छात्रों को बांटे गए कॉपी और कलम
उदय भूमि संवाददाता
मधुबनी। मां सरस्वती शिक्षा की देवी हैं। वे ज्ञान, विद्या, बुद्धि, विवेक और पवित्रता की प्रतिमूर्ति हैं। मां सरस्वती की पूजा से बौद्धिक विकास होता है। मधुबनी जिला स्थितSugauna Village में सरस्वती पूजन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षक एवं उदय भूमि समूह के संपादकीय सलाहकार विष्णु देव मिश्र ने यह बातें कही। उन्होंने कहा कि मां शारदे की पूजा अर्चना करने से मंदबुद्धि भी गुणवान और बौद्धिकता से संपन्न विवेकशील व्यक्ति बन जाता है। सरस्वती पूजन के अवसर पर छात्रों को कॉपी कलम बांटे गए और लोगों के बीच प्रसाद का वितरण हुआ।
मंगलवार को बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा की गई। सुगौना गांव में हुए कार्यक्रम में मां सरस्वती की तस्वीर पर पुष्प अर्पित करने के बाद सरस्वती वंदना की गई। पूजा अर्चना में शामिल सभी लोगों ने मां शारदे से ज्ञान का वरदान मांगा। कार्यक्रम में विष्णु देव मिश्र ने कहा कि मां सरस्वती की चार भुजाएं ज्ञान, योग, धारणा और निस्वार्थ सेवा की सूचक हैं।
उनके एक हाथ में विद्यमान पुस्तक आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से आत्मोत्थान और विश्व कल्याण के प्रति उत्साह देती है। दूसरे हाथ की स्फटिक माला मनुष्य को नियमित परमात्मा का स्मरण करने का संदेश देती है। देवी के तीसरे हाथ में वीणा है, जो भक्तों को दैवीय गुणों को धारण करने और संतुलित व सुखमय जीवन जीने की कला और कौशल सिखाती है। उनके चौथे हाथ में मौजूद कमंडल व्यक्ति, वातावरण, समाज, प्रकृति और पर्यावरण को शुद्ध, स्वच्छ व स्वस्थ रखने के लिए मन, वचन और कर्म से पवित्र बनने और दूसरों को पवित्र बनाने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि विद्या और ज्ञान से बढ़कर कुछ नहीं है। ज्ञान की बदौलत धन अर्जित किया जा सकता है लेकिन, धन की बदौलत ज्ञान अर्जित नहीं किया जा सकता। ज्ञान हमें अज्ञानता रूपी अंधकार से दूर रखकर हमारे जीवन को सुखमय बनाता है। छात्रों को आशीर्वाद देते हुए उन्होंने कहा कि सभी छात्र अपने जीवन में अच्छे विचारों को आत्मसात करें और पढ़ाई पर ध्यान दें।
















