बाहरी दुनिया में फिटिंग की तलाश, भारत पर सवाल: मैथिली ठाकुर का लंदन वीडियो वायरल, उठे सवाल

-भाजपा प्रत्याशी और संगीत की दुनिया की पहचान मैथिली ठाकुर का विदेश में कपड़ों और खानपान को लेकर विवादित वीडियो, आलोचकों ने कहा ‘भारत की नागरिक होते हुए अपमान’
-लोकल फॉर वोकल के अभियान के बीच विदेश में ‘भारत विरोधी’ बयान से खलबली

उदय भूमि संवाददाता
दरभंगा। लोकल फॉर वोकल के प्रचार-प्रसार के बीच, संगीत की दुनिया की पहचान और अलीनगर की भाजपा प्रत्याशी मैथिली ठाकुर सोशल मीडिया पर फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनका वायरल वीडियो उनके चुनाव प्रचार से अलग चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में मैथिली ठाकुर लंदन में दिखाई दे रही हैं और अपने पहनावे को लेकर बोल रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके साइज का कपड़ा भारत में नहीं मिलता, इसलिए उन्हें विदेश जाना पड़ा। उन्होंने लंदन में 24 साइज की जींस खरीदी और कहा कि भारत में केवल 26 साइज के कपड़े उपलब्ध हैं। इस बयान के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो गया और इसे भारत विरोधी भावना का उदाहरण बताया गया। इसके बाद वीडियो में उनका एक और क्षण वायरल हुआ, जिसमें वह अपने पाग में मखाना खाते हुए दिखाई दीं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह का व्यवहार देश की संस्कृति और स्वाभिमान के खिलाफ है।

इस पर जनसेवक तरुण मिश्र ने कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई कपड़ा खरीदता है तो वह फिटिंग करवा कर भी पहन सकता है। इतना पैसा कमा लेने के बाद भारत की चीज़ें पसंद नहीं आना कहीं न कहीं अहंकार है। भारत की नागरिक होते हुए विदेश जाकर भारत का अपमान करना गलत है। तरुण मिश्र ने आगे कहा कि भारत विश्व गुरु है और इसका डंका प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से पूरी दुनिया में बज रहा है। भारत में हर चीज संभव है और मेड इन इंडिया को प्रोत्साहित करना हमारा कर्तव्य है। विदेश में जाकर यह दिखाना कि भारत की चीज़ें पर्याप्त नहीं हैं, देशहित के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मैथिली ठाकुर को समझना होगा कि वह देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी की उम्मीदवार हैं और उनके व्यवहार का प्रभाव जनता पर पड़ता है।

सोशल मीडिया यूजर्स ने भी वीडियो पर प्रतिक्रिया दी। कुछ ने इसे हल्के मजाक के रूप में देखा, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने इसे राष्ट्रीय भावना के खिलाफ बताया। यूजर्स ने लिखा कि भारत में भी सभी चीजें उपलब्ध हैं और फिटिंग की समस्या होने पर उसे आसानी से बदला जा सकता है। विदेश में जाकर भारत की चीजों की आलोचना करना उचित नहीं। चुनाव प्रचार के दौरान किसी भी प्रत्याशी का हर छोटा बयान जनता के लिए बड़ा संदेश बन जाता है। ऐसे समय में सार्वजनिक बयान और वीडियो पर पूर्ण सावधानी आवश्यक है। मैथिली ठाकुर का यह वीडियो अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने यह सवाल फिर से उठाया है कि क्या देश के सम्मान और राष्ट्रीय भावना को ध्यान में रखते हुए नेताओं को अपने सार्वजनिक बयान और व्यवहार में अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए।

विशेष रूप से उन लोगों के लिए, जो भारत की जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और चुनाव में भाग ले रहे हैं। वीडियो की वायरलता और प्रतिक्रिया ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि डिजिटल दुनिया में सोशल मीडिया शक्तिशाली मंच है। यहां हर छोटी बात बड़ी बहस में बदल सकती है। मैथिली ठाकुर का विदेश में कपड़े खरीदने का अनुभव अब केवल व्यक्तिगत मामला नहीं रह गया, बल्कि राष्ट्रीयता और देशभक्ति के नजरिए से भी देखा जा रहा है। इस वीडियो ने यह साफ कर दिया कि देश की प्रतिष्ठा और नागरिकों की भावना का सम्मान हर नेता का कर्तव्य होना चाहिए। चाहे वह संगीत जगत की पहचान हो या राजनीतिक क्षेत्र की नई चुनौती, जनता की नजर में देशभक्ति और सम्मान सबसे बड़ा मापदंड है।