गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के इंजीनियरों ने जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश से मिलकर अपनी समस्याएं रखीं। उपाध्यक्ष से हर माह अवर अभियंताओं के साथ बैठक किए जाने पर जोर दिया गया। अवैध निर्माण का प्रकरण सामने आने पर केवल जेई के खिलाफ कार्रवाई किए जाने पर नाराजगी जताई। जीडीए उपाध्यक्ष को संघ के अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश द्विवेदी, महासचिव शिवओम त्यागी, अशोक अरोड़ा आदि ने मांग पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि अवर अभियंताओं द्वारा मूल दायित्व के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन द्वारा तय किए जाने वाली जिम्मेदारी जैसे चुनाव, मतदाता पहचान पत्र के साथ समय-समय पर कांवड़ यात्रा में मजिस्ट्रेट डयूटी लगायी जाती है। हाल में लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की वापसी एवं सरकारी रसोई से क्वारंटीन किए गए पीडि़तों को भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभाई गई। अभियंता संघ ने कहा कि उत्तर प्रदेश नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा-25 के अनुसार अवर अभियंता को मात्र प्रथम निर्माण के संबंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट प्रस्तुत करने का अधिकार दिया गया है। अन्य सभी अधिकार समक्ष अधिकारियों में निहित होते हंै। अवैध निर्माण से संबंधित प्रकरण सामने आने पर केवल अवर अभियंता को जिम्मेदार ठहरा कर निलंबन के लिए शासन में सिफारिश कर दी जाती है। सीनियर अधिकारियों के दायित्व भी अवैध निर्माण के मामले सामने आने पर तय किए जाने चाहिए।
















