9 सितम्बर से दौड़ेगी मेट्रो, डीएमआरसी अधिकारियों संग डीएम ने की बैठक

-मेट्रो स्टेशन का दौरा कर व्यवस्थाओं को परखा

उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। कोविड-19 (कोरोना वायरस) के कारण काफी समय से थमे मेट्रो के पहिए 9 और 10 सितंबर से पुन: चलने लगेंगे। करीब 169 दिनों के बाद मेट्रो एक बार फिर से पटरी पर दौडऩा शुरू कर देगी। कोरोना वायरस के मद्देनजर लॉक डाउन लागू होने पर 22 मार्च को मेट्रो ट्रेन का संचालन बंद कर दिया गया था। केंद्र सरकार से मेट्रो संचालन को हरी झंडी मिलने के बाद जिलाधिकारी डॉ. अजय शंकर पांडेय ने सोमवार को मेट्रो के अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की। बाद में मेट्रो स्टेशनों पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीएम ने शहीद स्थल नया बस अड्डा मेट्रो स्टेशन का जायजा लिया। उन्होंने यातायात पुलिस और नगर निगम को यातायात सुचारू रखने और सफाई व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में मेट्रो संचालन के दौरान मेट्रो परिसर के आस-पास अनावश्यक भीड़ न जुटे। सभी मेट्रो स्टेशनों के आस-पास के परिसर की साफ-सफाई का जिम्मा नगर निगम को सौंपा गया है।

सिविल डिफेंस को भी जिम्मेदारी
जिलाधिकारी डॉ. अजय शंकर पांडेय के मुताबिक गाजियाबाद में मेट्रो का संचालन 10 सितंबर से शुरू होगा। शुरुआत में मेट्रो प्रात: 7 से 11 बजे और शाम 4 से रात 8 बजे तक चलेगी। 12 सितंबर से मेट्रो का संचालन पूर्व की भांति प्रात: 6 से रात 11 बजे तक सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि डीएमआरसी द्वारा जारी गाइड लाइन का यात्रियों को पालन करना होगा। प्रत्येक मेट्रो कोच में 50 यात्रियों को सफर करने की इजाजत होगी। डीएम ने बताया कि डीएमआरसी ने मेट्रो संचालन में सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स का सहयोग मांगा है। ऐसे में 104 सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स शुरुआती दौर में मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की सहूलियत के लिए तैनात रहेंगे।

डीएमआसी की तैयारियां पूरी
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने वैशाली की ब्लू लाइन पर 9 सितंबर और नया बस अड्डा रेड लाइन पर 10 सितंबर से मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारी कर ली है। मेट्रो के सफर में यात्रियों को खुद की सुरक्षा के साथ कई जरूरी बातों को ध्यान में रखना होगा। विशेष तौर पर शारीरिक दूरी का पालन करना होगा, जिससे कोरोना संक्रमण न फैले। मेट्रो स्टेशन के सभी गेट नहीं खुलेंगे। बेहतर होगा कि सफर से पहले डीएमआरसी की वेबसाइट पर जाकर देख लें कि उन्हें जिस मेट्रो स्टेशन पर जाना है, वहां कितने नंबर का प्रवेश व निकासी गेट खोला गया है। यात्रियों को 10 से 15 मिनट पहले पहुंचना होगा। सुरक्षा के मानक पूरे करने में समय लगेगा। मास्क पहन कर, हाथ सैनेटाइज करने व थर्मल स्क्रीनिंग के बाद मेट्रो परिसर में यात्रियों को प्रवेश दिया जाएगा। एस्केलेटर, लिफ्ट से लेकर चेकिंग प्वाइंट और प्लेटफार्म पर शारीरिक दूरी का ख्याल रखना होगा। मेट्रो के प्रत्येक कोच में 48 सीट होती हैं, जिसमें 24 यात्री एक-एक सीट छोड़कर बैठेंगे। 25 से 26 यात्री उचित दूरी पर खड़े होकर सफर करेंगे। ऐसे में यात्रियों को दूसरी या तीसरी मेट्रो का इंतजार करना पड़ सकता है। यात्री स्मार्ट कार्ड लेकर सफर करेंगे।