6 साल गुजरे, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण शुरू नहीं

-कार्य के लिए 3 बार बढ़ाई जा चुकी है समय सीमा

गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण आज तक शुरू नहीं हो सका है। पिछले करीब 6 साल से इसके लिए कवायद चल रही है। स्टेडियम का निर्माण करने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा एफएआर और नक्शा स्वीकृत करने की अड़चन दूर की जानी है। निर्माण के लिए समय सीमा भी 3 बार बढ़ाई गई, मगर अभी तक एक ईंट नहीं रखी जा सकी। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) की ओर से जून से स्टेडियम निर्माण का दावा किया जा रहा है। यूपीसीए पदाधिकारियों के मुताबिक शासन में मई के पहले सप्ताह में अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर), एचटी लाइन शिफ्टिंग सहित अन्य बिंदुओं को लेकर अहम बैठक होगी। इस बैठक में निर्णय होने के बाद मई अंत तक स्टेडियम की संशोधित डीपीआर को जीडीए में जमा करने की बात कही जा रही है। वहीं, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की समय सीमा दिसंबर-2021 से बढ़कर दिसंबर-2022 कर दी गई थी, लेकिन अब इस लक्ष्य को पाना संभव दिखाई नहीं दे रहा है। बता दें कि यूपीसीए ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की योजना पर 2015 में काम शुरू किया था। जुलाई 2019 में लखनऊ में अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम का भूमि पूजन (ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी) हुआ था। लेकिन स्टेडियम की जमीन का अतिरिक्त एफएआर, एचटी लाइन शिफ्टिंग समेत अन्य मामलों में अभी तक शासन स्तर पर निर्णय नहीं होने की वजह से यूपीसीए की तरफ से स्टेडियम के निर्माण का संशोधित नक्शा तक जीडीए में जमा नहीं कर सका। जीडीए स्टेडियम के निर्माण के लिए 0.50 एफएआर की अनुमति दे सकता है। जबकि यूपीसीए स्टेडियम के लिए 1.50 एफएआर की मांग कर रहा है। इसका संशोधित नक्शा जमा होने में देरी का कारण माना जा रहा है। स्टेडियम के निर्माण में हाईटेंशन लाइन की शिफ्टिंग संबंधी रूकावट बनी है। स्टेडियम साइट से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनों को शिफ्ट का प्रस्ताव शासन को पहले ही भेजा जा चुका है। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश का कहना है कि शासन स्तर से निर्णय होने के बाद ही स्टेडियम का नक्शा स्वीकृत किया जा सकेगा। एचटी लाइनों की शिफ्टिंग के लिए यूपी पावर कारपोरेशन से यूपीसीए से 14 करोड़ से अधिक की मांग की है। यूपीसीए ने शासन में एचटी लाइन शिफ्टिंग का काम पावर कारपोरेशन से ही कराने की मांग की है। इस पर भी जल्द फैसला होने की संभावना है। यूपीसीए द्वारा पूर्व में जीडीए में जमा किए गए स्टेडियम के नक्शे में कुल 33.54 एकड़ जमीन में से 22 एकड़ जमीन पर स्टेडियम का निर्माण करने के लिए सबमिट किया था। बाकी 12 एकड़ जमीन पर पांच सितारा होटल, हॉस्टल,पार्किंग आदि गतिविधि संचालित करने का निर्णय लिया था। 12 एकड़ जमीन का भू-उपयोग कृषि व अन्य का है। ऐसे व्यावसायिक में परिवर्तित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। ऐसे में जमीन का एफएआर बढ़ाने के साथ ही भू-उपयोग परिवर्तन का मामला एक साथ निपटने की संभावना है। स्टेडियम के निर्माण पर 400 करोड़ रुपए खर्च होने है। पहले चरण में दर्शकों की क्षमता 45 हजार होगी। इसके बाद दूसरे चरण में बढ़ाकर 75 हजार करने की योजना है। गाजियाबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश मिश्रा का कहना है कि यूपीसीए की मांगों पर शासन में मई के पहले सप्ताह में बैठक प्रस्तावित है। बैठक में अतिरिक्त एफएआर व अन्य मुद्दों पर समाधान निकलने की पूरी उम्मीद है। इसके बाद मई के आखिर तक संशोधित डीपीआर जीडीए में जमा करा दी जाएगी। जून से स्टेडियम का निर्माण शुरू करने की प्रक्रिया विधिवत प्रयास जारी हैं।