गाजियाबाद में कोरोना के कारण बनाए गए 123 कंटेनमेंट जोन

-कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए उतारी गई कई टीमें

गाजियाबाद। जनपद में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए नए सिरे से 123 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। एक घर से लेकर 60 घरों के मद्देनजर यह कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। नोडल अधिकारी एवं एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिले में 123 कंटेनमेंट जोन बनाए गए है। इन क्षेत्रों में कोरोना टेस्टिंग बढ़ाई जाएगी। वहीं,कॉट्रैक्ट टे्रसिंग के लिए टीम लगाई गई है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग एवं इंसीडेंट कमांडर द्वारा संयुक्त रूप से संक्रमित के घर को सील करने एवं सैनिटाइज करने की प्रक्रिया को भी तेज कर दिया गया है। एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह ने सीएमओ एवं इंसीडेंट कमांडर को पत्र जारी करते हुए सीलिंग किए जाने की फोटो के साथ रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि पिछले 23 दिनों से इस संबंध में लापरवाही बरती जा रही है। इसके साथ सीएमओ द्वारा 861 सर्विलांस टीमें तैनात कर दी हैं। सक्रिय मरीजों के कांटेक्ट में आने वाले लोगों की एवं उनकी सेहत की जांच करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मेरठ में 429,गौतमबुद्ध नगर में 123,बुलंदशहर में 75, हापुड़ में 55 और बागपत में 30 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। मेरठ मंडल में कंटेनमेंट जोन की संख्या 876 है। सितंबर में सबसे अधिक 447 कंटेनमेंट जोन थे। जिले में कोरोना संक्रमण के सबसे पहले अप्रैल 2020 में 13 कंटेनमेंट जोन बनाए गए थे। बाद में इनकी संख्या बढ़कर 29 हो गई। मई में 42, जून में 68, जुलाई 115, अगस्त में 228, सितंबर में 447 कंटेनमेंट जोन बनाए गए थे। इसके बाद संख्या घटने लगी और अक्टूबर में 150 कंटेनमेंट जोन रह गए। दिसंबर में यह संख्या 62 रह गई। जनवरी,फरवरी और मार्च-2021 में कंटेनमेंट जोन का खत्म कर दिया गया। मगर अब अपै्रल में केस बढ?े के बाद जिले में फिर से 123 कंटेनमेंट जोन बनाए गए है। एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सीएमओ एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि 123 कंटेनमेंट जोन में कोरोना टेस्टिंग बढ़ाने के साथ ही कॉट्रैक्ट ट्रेसिंग तेजी से कराई जाए। ताकि कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने वाले लोगों की जांच की जा सके। कंटेनमेंट जोन की रोजाना समीक्षा की जाएगी। कोरोना के केस बढ़ने के साथ ही कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़ाई गई है। कोरोना संक्रमितों के साथ ही संदिग्धों की ट्रेसिंग तेज करने के लिए 861 सर्विलांस टीम तैनात की गई हैं। आरआर टीमों को भी सतर्क किया गया हैं।