Engineer यूपी के Paschimchal Vidyut Vitran Nigam के नोएडा जोन में था तैनात। नोएडा शहर से कार्यमुक्त होने के बाद उन्हें प्रबंध निदेशक (एमडी) कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इस कार्रवाई से विभाग में खलबली मची हुई है।
नोएडा। जनपद गौतमबुद्ध नगर में तैनात रिश्वतखोर Engineer के कारनामेे से बिजली विभाग शर्मसार हुआ है। रिश्वतखोरी में फंसे विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता (तृतीय) तरुण पाठक को सस्पेंड कर दिया गया है। पाठक के गलत कारनामों से Paschimchal Vidyut Vitran Nigam को शर्मसार होना पड़ा है। नोएडा शहर से कार्यमुक्त होने के बाद उन्हें प्रबंध निदेशक (एमडी) कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इस कार्रवाई से विभाग में खलबली मची हुई है।
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Paschimchal Vidyut Vitran Nigam ( PVVNL ) के प्रबंध निदेशक ( MD ) अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने इस संबंध में शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई करने में देरी नहीं की। Engineer तरुण पाठक पर गंभीर आरोप लगे हैं। नोएडा सेक्टर-156 की इंडस्ट्रीज को आर्थिक लाभ पहुंचने के उद्देश्य से उन्होंने गलत फैसले लिए थे। भूमिगत केबल लाइन के लगभग 4 करोड़ के प्रस्ताव में गड़बड़ी कर दी गई। इस राशि को 70 लाख रुपए का दिखा दिया गया। शिकायत मिलने पर प्रबंधक निदेशक ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए थे।
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इसके अलावा नोएडा सेक्टर-143 में डीएलएफ का डाटा सेंटर हैं। जहां अस्थाई कनेक्शन चल रहा था। डाटा सेंटर ने वाणिज्यक 20 हजार किलोवाट (20 एमवीए) के स्थाई कनेक्शन हेतु आवेदन किया था। आरोप है कि Executive Engineer पाठक ने कनेक्शन स्वीकृत करने की एवज में एक करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी थी। इस प्रकरण में भी मेरठ मुख्यालय में शिकायत की गई थी। इसी क्रम में Executive Engineer ने सेक्टर-168 में बिल्डर सोसाइटी को घरेलू 15 हजार किलोवॉट का कनेक्शन देने की एवज में डेढ़ करोड़ रुपए की डिमांड की थी। बिल्डर सोसाइटी के प्रतिनिधि ने इस संदर्भ में Paschimchal Vidyut Vitran Nigam एमडी कार्यालय मेरठ में शिकायत की थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एमडी ने आरोपी Engineer को सस्पेंड कर दिया। उधर, Paschimchal Vidyut Vitran Nigam. के प्रबंध निदेशक ( MD ) ए.एम. बंगारी का कहना है कि विभागीय जांच में विभिन्न आरोपों कीी पूर्णतया पुष्टि होने के बाद Executive Engineer के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की गई है।
















