साठ साल में पहली बार, साठा का सपूत  बना निर्विरोध ब्लाक प्रमुख

संतोष यादव पहली बार बने थे निर्विरोध ब्लाक प्रमुख

उदय भूमि ब्यूरो
धौलाना। मेरठ, गाजियाबाद और अब हापुड़ का ब्लाक धौलाना सदैव अपनी क्रांतिकारी भूमिका के लिए चर्चित रहा है। तीन जिले बदले, मगर धौलाना की भूमिका सदैव जनपद की राजनीति में महत्वपूर्ण रही । राजपूत बाहुल्य क्षेत्र साठा चौरासी का मुख्यालय धौलाना अपनी कार्यशैली के लिए जाना जाता रहा है। राजपूताना गढ़ के रूप में अपनी पहचान के लिए प्रसिद्ध साठा चौरासी में कहावत है जिसे यहां की जनता ने चाहा उसे अर्स पर बिठा दिया और जिसे उतारा  फिर उसे फर्श पर बिठा दिया। अर्श से फर्श तक का सफर तय कराने में यहां की जनता बड़ी महान है। जो एक बार नकारा फिर उसे कभी नहीं दुलारा। कभी मेरठ जनपद की तहसील रही हापुड़ के ब्लाक रहे धौलाना का पहला ब्लाक प्रमुख बनने का सौभाग्य शिक्षाविद व वरिष्ठ पत्रकार रहे स्व.शिवानंद शर्मा को 8 जुलाई 1962 से 9 जनवरी 1973 तक मिला । मेरठ से कटकर गाजियाबाद जिला बना तो 23 साल तक  दौलतपुर ढीकरी के ठाकुर केदार सिंह सिसौदिया 9 जनवरी 1973 से 10जनवरी 1996 तक हापुड़ तहसील के धौलाना ब्लाक के प्रमुख रहे। विभिन्न राजनैतिक दलों के आकाओं का उनके यहां आना जाना चर्चा का विषय बना रहा। 11 जनवरी 1996 से 11जनवरी 2000 तक मुस्लिम बाहुल्य गांव बझैडा कला की बिस्मिल्लाह खां ने अपनी राजनीति का कौशल दिखाकर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। 12 जनवरी 2000 को धौलाना की ग्राम प्रधान रही राजवती सिसौदिया ने ब्लाक प्रमुख का दायित्व सम्भाला। वह 17 मार्च 2006 तक दमदार भूमिका में रही। तिसौली खेड़ा के इन्द्रजीत सिंह तोमर ने पहली बार रिकार्ड तोड मतों से जीत दर्ज कर 18 मार्च 2006 से 17 मार्च 2011 तक प्रमुख पद का दायित्व निभाया। वर्ष 2001 में आरक्षण की व्यवस्था के अनुरूप अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित ब्लाक प्रमुख पद पर शाहपुर फगौता के तेजपाल प्रमुख ने जीत दर्ज कर 18 मार्च 2011 से 13 मार्च 2016 तक पद सम्भाला। वर्ष 2016 से -2021 तक संतोष यादव निर्विरोध ब्लाक प्रमुख रहे। अब 15 वर्ष बाद धौलाना में निशांत धिशोदिया पर आई ब्लाक प्रमुखी से सम्पूर्ण साठा चौरासी वासी गदगद  हैं।