रामपुर में आबकारी का सख्त अनुशासन अभियान: औचक निरीक्षण और टेस्ट परचेजिंग से ओवर रेटिंग पर लगाम

-जिला आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह की रणनीति से माफिया और लापरवाह विक्रेता सतर्क
-ग्राहकों से पूछताछ, रजिस्टर व सीसीटीवी की जांच, हर बिक्री ई-पास मशीन से अनिवार्य
-बिना लाइसेंस शराब परोसने वालों को जेल व जुर्माने की चेतावनी, बाहरी राज्यों की शराब मिलने पर वाहन भी होंगे जब्त
-राजस्व बढ़ोतरी और पारदर्शिता के लक्ष्य के साथ अवैध कारोबार पर निर्णायक प्रहार

उदय भूमि संवाददाता
रामपुर। जनपद रामपुर में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने और सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आबकारी विभाग ने सख्त अनुशासन अभियान छेड़ रखा है। जिला आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। विभाग की सक्रिय रणनीति से न केवल शराब माफिया में हड़कंप है, बल्कि लाइसेंसी दुकानों पर कार्यरत विक्रेता भी पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे हैं। जिला आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह ने स्पष्ट किया है कि सरकार की मंशा के अनुरूप पारदर्शी और नियमसम्मत बिक्री सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए आबकारी टीम लगातार औचक निरीक्षण, गुप्त रूप से टेस्ट परचेजिंग और ग्राहकों से सीधे संवाद की रणनीति पर काम कर रही है। यह बहुआयामी निगरानी व्यवस्था शराब विक्रेताओं की कार्यशैली पर पैनी नजर रखने में कारगर साबित हो रही है।

गुरुवार को आबकारी निरीक्षक नंदिनी यादव, अरविंद कुमार मिश्रा, प्रफुल्ल कुमार सिंह, संजय कुमार, राम आधार पाल और अनुपम सिंह की टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में लाइसेंसी शराब की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गुप्त रूप से टेस्ट परचेजिंग कर यह परखा गया कि कहीं निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली तो नहीं की जा रही है। इसके साथ ही दुकानों पर मौजूद ग्राहकों से बातचीत कर विक्रेताओं के व्यवहार और मूल्य वसूली की जानकारी भी ली गई। निरीक्षण के दौरान बिक्री रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर, ब्रांड उपलब्धता और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की गहन जांच की गई। विभाग की इस सख्त निगरानी का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि किसी भी दुकान पर ओवररेटिंग की शिकायत या प्रमाण नहीं मिला। यह संकेत है कि विभाग की सतर्कता और निरंतर दबाव के कारण विक्रेता नियमों का पालन करने को बाध्य हैं। जिला आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह ने सभी विक्रेताओं को शत-प्रतिशत बिक्री ई-पास मशीन के माध्यम से करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि ई-पास प्रणाली से न केवल बिक्री में पारदर्शिता आती है, बल्कि राजस्व की सही गणना भी सुनिश्चित होती है। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। हिम्मत सिंह की कार्यशैली की विशेषता यह है कि वह केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर सक्रिय निगरानी को प्राथमिकता देते हैं। टेस्ट परचेजिंग जैसी रणनीति से विभाग वास्तविक स्थिति का आकलन कर पा रहा है। साथ ही ग्राहकों से सीधे संवाद स्थापित कर विभाग यह संदेश भी दे रहा है कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करता है तो उसकी शिकायत तुरंत दर्ज कराई जाए। होली पर्व के मद्देनजर आबकारी विभाग ने अवैध शराब और बिना लाइसेंस शराब परोसने वालों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि लाइसेंसी दुकानों की नियमित जांच के साथ-साथ अब बिना लाइसेंस शराब पिलाने वाले रेस्टोरेंट, हाईवे पर संचालित ढाबों और होटलों की भी गहन जांच की जा रही है।

इसके अलावा हाईवे, राजमार्ग और राष्ट्रीय मार्गों पर वाहनों की सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। होली के दौरान बाहरी राज्यों से शराब की तस्करी की आशंका को देखते हुए विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है। आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना लाइसेंस शराब परोसते पाए जाने पर संचालकों के खिलाफ जेल के साथ भारी जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं वाहन चालकों को भी आगाह किया गया है कि यदि बाहरी राज्यों की अवैध शराब बरामद हुई तो जेल के साथ वाहन को भी जब्त कर लिया जाएगा। विभाग की इस सख्ती से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
आबकारी विभाग की यह सुदृढ़ और पारदर्शी व्यवस्था जनहित में महत्वपूर्ण कदम है। इससे जहां एक ओर उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर शराब उपलब्ध हो रही है, वहीं दूसरी ओर अवैध वसूली और कर चोरी पर भी अंकुश लग रहा है।

सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी के साथ-साथ बाजार में अनुशासन कायम करना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। जनपद में चल रहे इस अभियान से स्पष्ट है कि आबकारी विभाग किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। जिला आबकारी अधिकारी की सख्त लेकिन व्यवस्थित रणनीति के चलते रामपुर में शराब कारोबार अधिक पारदर्शी और नियंत्रित होता नजर आ रहा है। आने वाले समय में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा, ताकि जनपद को अवैध शराब और अनियमित बिक्री से पूरी तरह मुक्त किया जा सके।