ग्रामीणों की लापरवाही या फिर यमुना प्राधिकरण जिम्मेदार ?

यमुना प्राधिकरण द्वारा जेवर बांगड़ में विकसित टाउनशिप आरआर साइट में ग्रामीणों द्वारा बनाये जा रहे कुछ मकानों में आई दरारें ।

उदय भूमि ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर के प्रभावित परिवारों के लिए जेवर बांगर में विकसित की गई टाउनशिप (आरआर साइट) में 3003 भूखंड आंवटित कर दिए गए हैं। भूखंड आवंटित होने के बाद यहां पर ग्रामीण अपना मकान बना रहे हैं। लेकिन चार दिन पूर्व हुई बारिश के बाद यहां कुछ मकानों में दरारें आने की शिकायतें मिली। ऐसे में उदय भूमि संवाददाता ने मौके पर जाकर स्थिति को परखा। क्या वाकई मकानों में दरारें आई है। यदि हां तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है और इसका समाधान क्या है। इन सवालों का जवाब ढूढ़ने के लिए संवाददाता ने मकान बनाने के तौर तरीकों से लेकर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और यमुना प्राधिकरण द्वारा डेवलप की गई इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर जानकारी एकत्रित की और ग्रामीणों से बातचीत की।RR-Site-Jewar-Construction मकान का निर्माण कर रहे ग्रामीणों से बातचीत और यमुना प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी में यह बात निकलकर सामने आई कि जहां कुछ ग्रामीणों द्वारा मकान की लागत कम करने के लिए निर्माण सामग्री की गुणवत्ता के साथ समझौता किया जा रहा है वहीं, कुछ ग्रामीण निर्माण कार्य करने वाले राज मिस्त्री के हाथों भी ठगे जा रहे हैं। लेकिन क्या यमुना प्राधिकरण इसके लिए जिम्मेदार है। इसका जवाब नहीं में है। फिर भी प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा यह प्रयास किया जा रहा है कि लोग अपना मकान ठीक ढंग से और मजबूत बनायें। प्राधिकरण के इंजीनियर इसके लिए लगातार ग्रामीणों को जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं, यमुना प्राधिकरण ने यहां पर 20 हैंडपंप और सात अस्थाई शौचालय बनवाएगा। ताकि यहां मकान बना रहे ग्रामीणों को किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।RR-Site-Jewar-infrastructure

जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण के लिए 1334 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण हुआ है। इस परियोजना की जद में आने वाले परिवारों को दूसरी जगह बसाया जा रहा है। इसके लिए जेवर बांगर में करीब 49 हेक्टेयर में टाउनशिप विकसित की गई है। वर्तमान में यह टाउनशिप आरआर साइट के नाम से जानी जाती है। परियोजना से 3003 परिवार प्रभावित हुए हैं। ये परिवार नगला फूल खां, नगला छीतर, नगला शरीफ खां, दयानतपुर खेड़ा, किशोरपुर, रोही व नगला गणेशी के हैं। आरआर साइट टाउनशिप में अलग-अलग गांव के लिए अलग-अलग सेक्टर बसाये गये हैं और बहुत कम समय में बड़े ही सुंदर ढ़ंग से यहां इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया गया है। ग्रामीण इस बात को तो मानते हैं कि इंफ्रास्ट्रक्चर अच्छा है। लेकिन उनकी कुछ मांगे हैं। ग्रामीण चाहते हैं कि उन्हें फ्री में बिजली के कनेक्शन दिये जाये। कुछ ग्रामीण चाहते हैं कि उन्हें मकान बनाने के लिए कुछ और पैसा मिले।

RR-Site-Jewar-Building-Constructionचार इंच की दीवार, मिट्टी और गारे से चिनाई
आरआर साइट में मकान बनाने को लेकर कई ग्रामीणों द्वारा घोर लापरवाही बरती जा रही है। ज्यादातर मकानों की दीवार 4 इंच की है। मकान बनाने में पुरानी ईटों के टूकड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा है और दीवारें गारे और मिट्टी की चिनाई करके बनाई जा रही है। लगभग आधा दर्जन मकानों की दीवारों में दरार आने की शिकायत मिली है। जिन दीवारों में दरारें आई हैं वह 4 इंच की हैं और इन दीवारों की चिनाई मिट्टी और गारे से की गई है।

RR-Site-Water-Lodging निर्माण सामग्री से सभी नाले नालियां हैं बंद
आरआर साइट पर प्राधिकरण द्वारा प्लाट दिये जाने के बाद ग्रामीणों द्वारा मकान निर्माण के दौरान जगह-जगह मलबा बिखरा हुआ है। मलबा और निर्माण सामग्री से नालों एवं नालियों को पाट दिया गया है। इस कारण जगह-जगह नालियों में पानी जमा है। नालियों का पानी लोगों के मकान की नींव में जा रहा है और इससे भी मकान कमजोर हो रहे हैं।

क्या कहते हैं ग्रामीण

मेरे मकान की दीवार 4 इंच की है। लेकिन जब मेरे मकान के बगल में दूसरी मकान बन जाएगी तो वह 9 इंच की हो जाएगी। इससे मजबूती आ जाएगी। यही सोचकर मैंने 4 इंच की दीवार बनवाई है। मेरे भतीजे राहुल का मकान बन रहा है। मकान बनाने की लागत कम आये। इस कारण मकान में पिलर नहीं डाला।
: राजवीर

 

अपने आप मजदूरों से काम करवा रहे हैं। गांव के मकान की पुरानी ईट लाकर यहां मकान बना रहे हैं। मकान बनाने में पुरानी ईट लगानी मजबूरी है। मकान बनाने की लागत अधिक है। इतना पैसा कहां से लाये। बिजली पानी की लाइन प्राधिकरण ने डाल दी है। लेकिन मैंने कनेक्शन के लिए अभी अप्लाई नहीं किया है।
: कैलाश

 

प्राधिकरण ने सिर्फ जमीन दी है। सभी लोग अपना मकान स्वयं बनवा रहे हैं। बिजली और पानी की लाइन मौजूद है। सीवर लाइन भी है। लेकिन ये लाइन अभी ब्लॉक है। प्राधिकरण ने मार्केट, बारातघर और पार्क के लिए भी जगह छोड़ रखी है। लेकिन अभी ये सब विकसित नहीं हुए हैं।
: शिवकुमार

 

नाली रोड बढ़िया बना है। हमें मुआवजा मिल चुका है। पुरानी ईट गांव से ला रहे हैं। मेरा मकान मजबूत है। यदि कोई गारे और मिट्टी की चिनाई करके मकान बना रहा है तो मैं इसमें क्या कहूं। मैंने अपना मकान मजबूती से बनाया है। अभी तो मेरा मकान ठीक है। आगे का मैं अभी क्या बताऊं।
: मासूम

 

285 मेरा मकान है। 270 से सारे मकान हमारे लोगों के ही हैं। बिजली के कनेक्शन नहीं हैं। मकान बनाने में दिक्कतें होती है। जनरेटर के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ते हैं। तेल का खर्चा भी अधिक पड़ता है। बिजली मिल जाये तो बचत होगी।
: इरफान

 

गांव में हमारे पहले से कनेक्शन थे। ऐसे में हमें आरआर साइट में भी फ्री में बिजली का कनेक्शन मिलना चाहिये। बिजली के नये कनेक्शन के लिए अब हमें फिर से साढ़े 3 हजार रुपये खर्च करना पड़ेगा। लोगों पर यह बो­झ पड़ेगा।
: फारुख

 

क्या कहते हैं अधिकारी

आरआर साइट टाउनशिप का विकास यमुना प्राधिकरण ने किया है। प्लाट विकसित करके प्रशासन को दिया था।Yamuna Authority DGM AK Singh प्रशासन ने सभी परिवारों को भूखंड आवंटित कर दिए। अब किसानों ने यहां पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। मकानों का निर्माण ग्रामीण स्वयं कर रहे हैं। मकान में दरार आने की शिकायत आने पर सीईओ साहब के निर्देश पर मैं स्वयं मौके पर गया था। वहां पर देखा कि जिन दीवारों में दरारे आई है उसकी चिनाई गारे और मिट्टी से की गई है। मकान का नींव भी सही से नहीं लिया गया है। विकास कार्यों की मॉनिटरिंग सीईओ साहब द्वारा की जा रही है। एसीईओ और ओएसडी साहब मौके पर जाकर निरीक्षण करते हैं। मकान मजबूत बने इसको लेकर प्राधिकरण के इंजीनियर ग्रामीणों को जागरूक भी कर रहे हैं।
: एके सिंह
डीजीएम
यमुना प्राधिकरण।