हेल्थ लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर हजारों परिवार से लाखों की ठगी

-ऑनलाइन विज्ञापन देकर करते थे प्रचार, तीन शातिर ठग गिरफ्तार

गाजियाबाद। ऑनलाइन विज्ञापन देकर बच्चों के मेडिकल से संबधित हेल्थ लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर हजारों बच्चों के परिजन से लाखों रूपए की ठगी करने वाले गिरोह के तीन शातिर ठगों को साहिबाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से पुलिस ने ठगी करने के उपकरण व प्रपत्र बरामद किया है। पकड़े गये ठग इतने शातिर है कि पहले ऑनलाइन विज्ञापन देते थे। उसके बाद गरीब व सीधे-साधे लोगों को अपनी बातों में लेकर बच्चों के मेडिकल संबधित पॉलिसी के नाम फर्जी खाते में रूपया डलवाकर ठगी करते थे। आरोपी अब तक हजारों बच्चों के परिजन से ठगी की वारदात को अंजाम दे चुके है।
सीओ साहिबाबाद आलोद दुबे ने शनिवार को घटना का खुलासा करते हुए बताया साहिबाबाद थाना प्रभारी नागेन्द्र चौबे, एसआई मुन्नेश सिंह की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर देर रात शालीमार गार्डन एक्सटेंशन छावड़ा चौक से नीरज कुमार पुत्र कार्यानन्द पाण्डेय निवासी शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-1, राहुल पुत्र वेंकटेश पाण्डेय निवासी गणेशपुरी साहिबाबाद, शिवम पुत्र कैलाश वर्मा निवासी रघुवीर एन्कलेव पसौंडा को गिरफ्तार किया। जिनकी निशानदेही पर लैपटॉप, तीन सीपीयू, चार एलईडी, सात कीबोर्ड, सात माउस, दो मोबाइल, ठगी के 7 प्रपत्र बरामद किया गया।
32 हजार बच्चों के परिजनों को बनाया ठगी का शिकार

सीओ साहिबाबाद आलोक दुबे ने बताया कि नीरज गिरोह का सरगना है।

Alok Dubey, CO Sahibabad
Alok Dubey,
CO Sahibabad

आरोपी करीब 32 हजार बच्चों के परिजनों से ठगी कर चुके है। हर बच्चें का रजिस्ट्रेशन के नाम पर 300 रूपए का शुल्क लेते थे। जिसके बाद प्रीमियम का आधा रूपए पहले ले लेते थे। अब तक लाखों रूपए की ठगी की वारदात को अंजाम दे चुके है। ठगी के लिए शालीमार गार्डन एक्सटेंशन में शिशु विकास योजना के नाम से ऑफिस बनाया हुआ था। हेल्थ लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम से अखबार, ऑनलाइन विज्ञापन देते। जिनके पास से डाटा शीट बरामद हुआ है, जिसमें वह डाटा शीट में लिखे नंबर पर संपर्क कर परिजनों को अपनी बातों में लेते थे। जिसके बाद उन्हें बच्चे की पॉलिसी के बारे में बताकर ठगी करते थे। ठगी करने के नंबर बदल देते थे। आरोपी पॉलिसी का डाटा नेट से निकालकर अलग-अलगी सीरिज बनाते थे और लास्ट के चार नंबर बदलकर लोगों को फोन करते थे।