-डॉक्टरों समेत 11 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, परिजनों ने हाईवे पर जाम लगाकर किया हंगामा
गाजियाबाद। मेरठ दिल्ली हाईवे स्थित सामुदायिक स्वास्थ केंद्र मुरादनगर में शनिवार सुबह एक नवजात शिशु चोरी होने का मामला प्रकाश में आया है। घटना से नाराज ग्रामीणों ने अस्पताल में हंगामा किया और इसके बाद दिल्ली-मेरठ हाईवे जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे एसपी ग्रामीण डॉ.ईरज राजा,एसडीएम मोदी नगर आदित्य प्रजापति,सीओ केएन पांडेय,थाना प्रभारी हरिओम सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ समझाने व कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर लोग हाईवे से उठ गए लेकिन अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया। मामले में सीएचसी प्रभारी समेत सात नामजद व कुछ अज्ञात के खिलाफ अपहरण की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। सीएचसी के स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।वहीं,जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर एडीएम प्रशासन ऋतु सुहास अस्पताल में भर्ती महिला से मिलने पहुंची। उन्होंने आश्वासन दिया।मुरादनगर क्षेत्र के सुराना गांव निवासी संदीप कुमार ने अपनी गर्भवती पत्नी मीनू को चार दिन पहले सीएचसी में भर्ती कराया था। 25 अगस्त को मीनू को ऑपरेशन से बेटा पैदा हुआ। तभी से वह अस्पताल में भर्ती है। शुक्रवार रात को जच्चा,बच्चा व संदीप की मां वार्ड में सो रही थीं।वार्ड में कई अन्य महिलाएं भी भर्ती थीं।
शनिवार तड़के करीब तीन बजे के आसपास बच्चे को उसकी मां व दादी ने देखा था। वह बेड पर दोनों के बीच में सो रहा था। इसके थोड़ी देर बाद जब उनकी आंख खुली, तो बच्चा गायब था। ये देख सास व बहू के पैरों तले की जमीन खिसक गई। उन्होंने इसकी सूचना ड्यूटी पर तैनात स्टाफ को दी। सुबह सात बजे तक उन्होंने अस्पताल परिसर से लेकर आसपास में बच्चे की तलाश की। लेकिन कहीं पता नहीं चला। सूचना पर सुराना गांव से बड़ी तादाद में लोग अस्पताल पहुंच गए। इसी बीच मुरादनगर ब्लाक प्रमुख राजीव त्यागी, सपा नेता विकास यादव लोगों के बीच पहुंचे। नाराज लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने सीएचसी प्रभारी व स्टाफ को खरी खोटी सुनाई। लोग हाथापाई पर उतारू हो गए। मौके पर एसपी ग्रामीण डॉ.ईरज राजा,सीओ केएन पांडेय,एसडीएम आदित्य प्रजापति भारी पुलिस के साथ पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग बच्चे को बरामद करने की मांग पर अड़े रहे।
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सभी दिल्ली-मेरठ हाईवे पर पहुंचे और वहां यातायात जाम कर धरने पर बैठ गए। पहले लोग गाजियाबाद रोड पर बैठे थे। बाद में उन्होंने मेरठ रोड पर भी जाम लगा दिया। मामला बढऩे पर करीब पौने दो बजे विधायक अजीतपाल त्यागी अधिकारियों को लेकर लोगों के बीच पहुंचे। इस दौरान एसपी देहात व सीओ ने 24 घंटे के अंदर बच्चे को सकुशल बरामद करने व जिम्मेदार लोगों पर रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन देकर उनको धरने से उठाया। ये भरोसा अधिकारियों ने लिखित में दिया। हालांकि, लोगों ने साफ किया कि वे सड़क से धरना जरूर खत्म कर रहे हैं, लेकिन वे अपना धरना अस्पताल से कतई खत्म नहीं करेंगे। वहां वे तब तक अपना धरना जारी रखेंगे, जब तक बच्चे की सकुशल बरामदगी नहीं हो जाती। मामले में बच्चे के पिता संदीप की तहरीर पर पुलिस ने सीएचसी प्रभारी डा.दिनेश युमंत,डा.अनुज, मनोज कुमार पांडेय, सचिन कुमार, सरिता चोपड़ा, संतोष शर्मा,रोहताश समेत चार अज्ञात के खिलाफ अपहरण की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।
डॉक्टरों समेत 11 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
मुरादनगर बच्चे के अपहरण के मामले में अस्पताल के डॉक्टरों, कर्मचारियों साहित 7 को नामजद करते हुए तथा चार अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। डॉक्टर दिनेश सुमंत, डॉ अनुज मनोज कुमार पांडे, सचिन कुमार, सरिता चोपड़ा, संतोष शर्मा, रोहतास सभी स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी हैं और चार अज्ञात के नाम रिपोर्ट दर्ज कराई। संदीप ने बताया कि जनरल वार्ड में पत्नी व बच्चे को शिफ्ट करने के बाद उसने अस्पताल कर्मचारियों से कुछ संदिग्धों के बारे में बताया था कि उनकी गतिविधि ठीक नहीं लग रही है। परंतु अस्पताल कर्मचारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। 2 कर्मचारियों रोहतास संतोष के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया गया है। इस बारे मे विभागीय अधिकारियों से संपर्क करना चाहा, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय भाजपा विधायक अजीत पाल त्यागी ने तुरंत बच्चे की बरामदगी कर लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराए जाने तथा पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ईरज राजा द्वारा 24 घंटे में बच्चे को बरामद करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। लगभग 7 घंटे हाईवे पर वाहनों की रफ्तार रुकी रही। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने बताया कि अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे से उस समय रिकॉर्डिंग नहीं मिल सकी। पुलिस ने डीवीआर आदि कब्जे में लेते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया है।
सीसीटीवी खराब, केमिकल चढऩे से बेहोशी का आरोप
सीएचसी से नवजात शिशु की तलाश के लिए अस्पताल में लगे सीसीटीवी की फुटेज तलाशने का प्रयास किया गया, तो पहले डीवीआर का पासवर्ड नहीं मिला। लाक खुलने के बाद भी सीसीटीवी में कुछ भी कैद नहीं था। लोगों ने इसे लेकर भी नाराजगी जताई। लोगों ने पूरी घटना सोची समझी साजिश के तहत होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वार्ड में रात में केमिकल का छिड़काव कराया गया था। इससे वार्ड में भर्ती सभी लोगों को नशा हो गया। इसी मौके का फायदा उठाकर आरोपितों ने इस घटना को अंजाम दिया। अस्पताल के सामने लोगों ने करीब साढ़े 10 बजे हाईवे जाम किया। एसपी ग्रामीण डॉ.ईरज राजा का कहना है कि पुलिस की पांच टीमें बच्चें की तलाश कर रही है। जल्द ही बच्चे को सकुशल बरामद किया जाएगा। इसमें जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
















