डेंगू-मलेरिया के खिलाफ चलेगा डोर-टू-डोर अभियान

-7 से 16 सितम्बर तक घर-घर जाएगी स्वास्थ्य विभाग की टीम

गाजियाबाद। जनपद में कोविड-19 (कोरोना संक्रमण) की तीसरी लहर की संभावना ने सरकारी मशीनरी और नागरिकों की बेचैनी बढ़ा रखी है। इसके इतर डेंगू एवं मलेरिया के मरीजों की बढ़ती संख्या ने नई मुसीबत पैदा कर दी है। डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम के लिए जनपद में 7 से 16 सितंबर तक डोर-टू-डोर अभियान चलाया जाएगा। अभियान की सफलता के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां आरंभ कर दी हैं। उधर, जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि डेंगू एवं मलेरिया से नागरिकों का बचाव करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर सर्वे में डेंगू एवं मलेरिया के अलावा अन्य बीमारियों के लक्षणयुक्त मरीजों की खोज करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री एवं प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप डेंगू समेत अन्य बीमारियों से लोगों को बचाव के लिए अभियान चलाकर मरीजों की पहचान कराई जाएगी। ताकि उन्हें समय पर इलाज संभव कराया जा सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अलावा नगर निगम,नगर पालिका परिषद,नगर पंचायत क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। डेंगू को जिले में नियंत्रित करने और इससे बचाव के साथ अन्य बीमारियों के लक्षणयुक्त व्यक्तियों की पहचान करने के लिए पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर इस अभियान को चलाया जाएगा। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि 10 दिन तक चलने वाले विशेष अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर बुखार,कोविड के लक्षण और टीबी के लक्षण के अलावा डेंगू,मलेरिया वाले व्यक्तियों के साथ ही नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों और 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग वाले ऐसे लोगों की सूची तैयार करेंगी। जिन्होंने अभी तक कोविड की पहली डोज भी नहीं लगवाई है।इसका माइक्रो प्लान तैयार कर अभियान चलाया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.भवतोष शंखधर ने बताया कि विशेष अभियान की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई हैं। इसमें टीमों का गठन कर अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान की शुरूआत करेंगी।