ब्रिज विहार पहुंची इंदौर की टीम, नाले की समस्या का होगा स्थाई समाधान

-नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर की प्राथमिकता में है नाले की समस्या का सामधान, तैयार की जा रही है डीपीआर

गाजियाबाद। हजारों परिवारों के लिए वर्षों से परेशानी का सबब बने ब्रिज विहार नाले की समस्या का स्थाई समाधान होगा। नाले की समस्या का समाधान कराना नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर की प्राथमिकता में है। नगर आयुक्त ने नाले की समस्या के स्थाई समाधान के लिए विशेषज्ञों की राय के आधार पर प्लान तैयार किया और अब उसे अमलीजाम पहनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसी कड़ी में मंगलवार को इंदौर से आए एक्सपर्ट की टीम ब्रिज विहार पहुंची। टीम ने मौका मुआयना किया और समस्या के समाधान के बावत नगर आयुक्त के समक्ष डिटेल प्रजेटेशन रखा। इंदौर की तर्ज पर होगी ब्रिज विहार नाले की सफाई
इंदौर से आए एक्सपर्ट रितेश कुमार द्वारा जिस तकनीकी पर कार्य करते हुए इंदौर में नालों की सफाई तथा सीवर के जल का डायवर्जन कर एसटीपी तक डायरेक्ट कनेक्ट कर नालो का केवल बरसाती जल के लिए उपयोग किए जाने का कार्य किया है। उसी तरह अब गाजियाबाद में भी नालों को केवल बरसाती जल की निकासी के लिए ही उपयोग कराने के लिए कार्य किए जाएगें। ताकि इसी तकनीक से नालों के जल की सफाई होती रहेगी तथा सीवर की डायरेक्ट कनेक्टिविटी एसटीपी तक रहेगी। नगर आयुक्त के निर्देश पर नाला समिति के प्रतिनिधि एवं महाप्रबंधक (जल) योगेश श्रीवास्तव, पार्षद पूनम त्यागी एवं इंदौर से आए एक्सपर्ट रितेश कुमार ने ब्रिज विहार नाले का निरीक्षण किया। जल शुद्धिकरण पर होगा काम
गाजियाबाद नगर निगम द्वारा पूरी ऊर्जा के साथ ब्रिज विहार नाले के जल के शुद्धिकरण और आसपास के क्षेत्रों में होने वाले जलभराव की समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई तेज हो गई है। जिसे लेकर कैंप कार्यालय में नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने नाला समिति के प्रतिनिधि एवं महाप्रबंधक (जल) योगेश श्रीवास्तव, रितेश कुमार एवं पार्षद के साथ बैठक ली। बैठक में सीवर के पानी को डायवर्ट करने, सीवर का पानी नाले के जल में सम्मिलित न हो इसके लिए योजना तैयार की गई। नगर आयुक्त ने बताया कि ब्रिज विहार नाले का स्थाई समाधान के लिए जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा। जिससे लोगों को जलभराव की समस्या से निजात मिल सकें। नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी लगातार नाले की सफाई के साथ-साथ जलभराव समाधान के लिए भी कार्य कर रहे है। मगर ब्रिज बिहार का नाला शहर का सबसे बड़ा नाला है और कई नालों से जुड़ा हुआ है। जिस कारण इसकी सफाई और जल की शुद्धि में कार्य करने के लिए बेहतर योजना तैयार की जा रही है। इंदौर से आए रितेश कुमार के साथ मौके पर निरीक्षण कराया गया। निगम द्वारा लगाई गई टीम से जल्द ही जलभराव समस्या के समाधान के साथ-साथ नाले से आने वाली गैस से शहरवासियों को निजात मिलेगी।नगर आयुक्त ने बताया शहर में जहां क्षेत्रवासियों को जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए लगातार स्थलों को चिन्हित कर कार्य किया जा रहा है। दूसरी ओर ब्रिज विहार के नाले की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कार्य कराए जा रहे हैै। जिसके क्रम अलग-अलग एक्सपर्ट से भी लगातार समन्वय स्थापित किया जाता है। आने वाले समय में नालों को सीवरेज फ्री किया जाएगा। उन्होंने कहा क्षेत्रवासियों को जल्द ही एक स्वच्छ वातावरण देने के लिए बेहतर कार्य कराए जा रहे है। क्षेत्रवासियों को भी समय-समय पर बृज विहार नाले पर की जा रही कार्य शैली से अवगत कराने के साथ सहयोग की अपील की जा रही है। ताकि शहर वासियों के लिए बेहतर प्रयास से ब्रिज विहार नाले के साथ-साथ शहर के संपूर्ण नालो के जल का शुद्धिकरण हो सकें।इंदौर से आए एक्सपर्ट रितेश कुमार ने बताया कि इंदौर में नालों को केवल बरसाती जल के लिए ही प्रयोग में लाया जाता है अन्य समय में नाला सूखा रहता है। इसी तर्ज पर ब्रिज विहार नाले का निरीक्षण किया गया। जिसमें ब्रिज विहार सीवर की कनेक्टिविटी डायरेक्ट एसटीपी तक जल को डायवर्जन करते हुए की गई। आने वाले कुछ दिनों में वर्षा के दौरान जलभराव में कमी आएगी और 2022 में इस तकनीकी से कार्य करने पर क्षेत्रवासियों को जलभराव से पूर्ण रुप से निजात मिलेगी। साथ ही नाले को साफ कर उसका केवल वर्षा के टाइम ही प्रयोग किया जाएगा।
जीएम जल योगेश श्रीवास्तव ने बताया गया कि निरीक्षण के दौरान टीम द्वारा मौके पर ही सीवर जल के डायवर्जन में रूपरेखा तैयार की गई। अन्य सीवर की लाइन के लिए कार्य भी नगर निगम द्वारा स्वयं किया जाएगा। डॉक्टर उम्र पर्यावरण पर्यवेक्षक का विशेष योगदान निगम को प्राप्त हो रहा है।