भारत में नहीं होगी ऑक्सीजन की कमी PM नरेंद्र मोदी ने 35 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का किया लोकार्पण

-प्रधानमंत्री ने 35 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट राष्ट्र को किए समर्पित
-एम्स ऋषिकेश में भव्य कार्यक्रम, जनसेवा के सफर के मोदी ने पूरे किए 2 दशक

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को महत्वपूर्ण सौगात दी। पीएम मोदी ने 35 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और राहत कोष से स्थापित 35 प्रेशर स्विंग एडजॉर्प्शन (पीएसए) ऑक्सीजन संयंत्रों का लोकार्पण किया। ऋषिकेश (उत्तराखंड) स्थित एम्स में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने यह ऑक्सीजन संयंत्र देश को समर्पित किए। विशेष बात यह है कि पीएम मोदी ने आज के दिन राजनीति में 20 साल का सफर भी पूर्ण कर लिया है। 2 दशक पूर्व उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर नई जिम्मेदारी मिली थी। इस सफर का उल्लेख मोदी ने किया। उन्होंने यह भी कहा कि देश की चिकित्सा ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता का भी विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में देश ने कम समय में ज्यादा प्रगति कर अपनी क्षमता को समूची दुनिया को दिखाया है। कार्यक्रम उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।

जनसेवा के सफर के 20 साल
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन सेवा की शुरुआत के 20 साल के सफर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज से नवरात्रि का पावन पर्व भी शुरू हो गया है। आज प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है। मां शैलपुत्री, हिमालय पुत्री हैं और आज के दिन मेरा यहां होना, यहां आकर इस मिट्टी को प्रणाम करना, हिमालय की इस धरती को प्रणाम करना, इससे बड़ा जीवन में कौन सा धन्य भाव हो सकता है। उन्होंने कहा कि आज के ही दिन 20 साल पहले मुझे जनता की सेवा का एक नया दायित्व मिला था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना से लड़ाई के लिए इतने कम समय में भारत ने जो सुविधाएं जुटाई, वह देश के सामर्थ्य को दर्शाता है। महज 1 टेस्टिंग लैब से करीब 3 हजार टेस्टिंग लैब्स का नेटवर्क, मास्क और किट्स के आयातक से निर्यातक बनने का सफर, यह सब हमारी कड़ी मेहनत का नतीजा है। सामान्य दिनों में भारत में एक दिन में 900 मीट्रिक टन, लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन होता था। मांग बढ़ने पर भारत ने मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन 10 गुना से भी ज्यादा बढ़ाया। ये दुनिया के किसी भी देश के लिए अकल्पनीय लक्ष्य था, मगर भारत ने इसे हासिल कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

100 करोड़ डोज का आंकड़ा होगा पार
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में कोरोना के खिलाफ जारी वैक्सीनेशन मुहिम की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि अब तक कोरोना वैक्सीन की 93 करोड़ डोज लगाई जा चुकी हैं। बहुत जल्द 100 करोड़ के आंकड़े को पार कर लिया जाएगा। जाएंगे। भारत ने कोविन प्लेटफॉर्म का निर्माण कर पूरी दुनिया को राह दिखाई है। उन्होंने कहा कि आज सरकार इस बात का इंतजार नहीं करती कि नागरिक उसके पास अपनी समस्याएं लेकर आएंगे तब कोई कदम उठाएंगे। सरकारी माइंडसेट और सिस्टम से इस भ्रांति को हम बाहर निकाल रहे हैं, अब सरकार नागरिक के पास खुद पहुंचती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार, हर फौजी, हर पूर्व फौजी के हितों को लेकर भी पूर्णत गंभीरता से काम कर रही है। सरकार ने वन रैंक वन पेंशन को लागू कर फौजी भाइयों की 40 साल पुरानी मांग पूरी की है। 2019 में जल जीवन मिशन शुरू होने से पहले उत्तराखंड के सिर्फ 1 लाख 30 हजार घरों में ही नल से जल पहुंचता था। आज उत्तराखंड के 7 लाख 10 हजार से ज्यादा घरों में नल से जल पहुंचने लगा है। यानि महज 2 वर्ष के भीतर राज्य के करीब-करीब 6 लाख घरों को पानी का कनेक्शन मिला है। इससे नागरिकों को काफी सुविधा हुई है। कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि देश के दूर-दराज के क्षेत्रों में भी नए वेंटिलेटर्स की सुविधाएं, मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन का तेजी से और बड़ी मात्रा में निर्माण, दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे तेज टीकाकरण अभियान भारत ने जो कर दिखाया है, वह हमारी संकल्प शक्ति, हमारे सेवाभाव, हमारी एकजुटता का प्रतीक है।

11 सौ से ज्यादा ऑक्सीजन संयंत्र चालू
प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक समूचे देश में अब तक कुल 1,224 पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों को पीएम केयर्स के तहत वित्त पोषित किया गया है, जिनमें से 1,100 से अधिक संयंत्रों को चालू किया गया है, जिससे प्रतिदिन 1,750 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन का उत्पादन होता है। केंद्र सरकार के इस कदम से भारत की चिकित्सा ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता का विस्तार होगा। फिलहाल 1,100 से अधिक संयंत्रों के जरिए रोजाना 1,750 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है। सरकार ने देश के प्रत्येक जिले में एक पीएसए आॅक्सीजन संयंत्र चालू करने की परियोजना को पहाड़ी क्षेत्रों, द्वीपों और कठिन भू-भाग वाले क्षेत्रों की जटिल चुनौतियों से निपटने के मकसद से क्रियान्वित किया था। उधर, सरकार ने 7 हजार से अधिक कार्मिकों को प्रशिक्षण देकर इन संयंत्रों का संचालन और रख-रखाव भी सुनिश्चित किया है। वे एक सशक्त वेब पोर्टल के जरिए अपने काम-काज एवं निष्पादन की तत्काल निगरानी के लिए एक एम्बेडेड इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) डिवाइस के साथ होते हैं। इस तरह अब तक 1 लाख ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 1 लाख 27 हजार ऑक्सीजन सिलेंडर, 1224 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट, 4 लाख से अधिक बेड्स को ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति से जोड़ा गया है।

पीएम के नेतृत्व में असाधारण उपलब्धि
साल 2019 में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) का प्रतिदिन उत्पादन औसतन 900 मीट्रिक टन था। उधर, साल-2021 में यह बढ़कर यह 9,300 मीट्रिक टन हो गया है। इस तरह पीएम मोदी के नेतृत्व में देश ने न सिर्फ इस अभूतपूर्व आपदा का सामना किया है, बल्कि उनके आह्वान पर मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन के मामले में भी आत्मनिर्भर हुआ है। वाकई यह एक ऐसी असाधारण उपलब्धि है, जिसे भारत सरकार, राज्य सरकार और जनता के सामूहिक प्रयासों से हासिल किया गया है।