पुरानी पेंशन की बहाली: फिर लखनऊ में गरजा अटेवा, निजीकरण का विरोध

-मांगे है जायज, पुरानी पेंशन बहाली तक चलेगा आंदोलन: विजय बंधु

गाजियाबाद/लखनऊ। पुरानी पेंशन की बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर ऑल टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) ने एक बार फिर प्रदेश सरकार के खिलाफ हुंकार भरते हुए लखनऊ के इको गार्डन में शंखनाद महारैली का आयोजन किया। उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 से पहले पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर शिक्षकों-कर्मचारियों के द्वारा धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान एसोसिएशन ने धरना-प्रदर्शन करते हुए मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। ऐलान किया कि जब तक मांगे पूरी नही हो जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। नेशनल पेंशन स्कीम यानी एनपीएस को रद्द करने, पुरानी पेंशन सिस्टम यानी ओपीएस को पुन: बहाल करने और रेलवे के निजीकरण पर रोक लगाने की मांगों के साथ, ऑल इंडिया टीचर्स एंड एम्प्लॉयज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) के बैनर तले इकट्ठा हुए। अयोध्या, आजमगढ़, मऊ, बरेली, बलिया, बनारस, फैजाबाद, अंबेडकर नगर, देवरिया, गोरखपुर, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, हापुड, मेरठ सहित अन्य जिलों से पचास से ज्यादा संगठनों के लगभग पचास हजार की संख्या में कर्मचारी एकत्रित हुए। अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय बंधु ने जनप्रतिनिधि तो पुरानी पेंशन लेते हैं, रिटायरमेंट के बाद शिक्षकों व अन्य विभागों के कर्मचारियों के लिए एनपीएस के तहत बहुत ही कम राशि पेंशन के रूप में दी जा रही है। ऐसे में एनपीएस कर्मियों को पुरानी पेंशन दी जाए। उन्होंने कहा संघर्ष की कभी हार नहीं होती, अगर मांगे जायज हैं, जनहित में तो सरकार को झुकना ही पड़ता है और इसका ताजा उदाहरण है सरकार द्वारा तीन कृषि कानून को वापस लेना, हमारा आंदोलन भी जायज है हमारी मांगे भी जायज हैं, भले ही इसमें और वक्त लगे लेकिन अंत में जीत हमारे संघर्ष की ही होगी। उन्होंने कहा योगी आदित्यनाथ सरकार तत्काल प्रभाव से पुरानी पेंशन की बहाली करे और दूसरी मांगों पर तुरंत कार्रवाई करे। अटेवा पेंशन बचाओं मंच गाजियाबाद जिलाध्यक्ष मनीष शर्मा ने कहा अटेवा की मांग है कि पुरानी पेंशन उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले लागू नहीं की गई तो सरकार के खिलाफ कोर्ट तक जाएंगे। जो भी पार्टी उनकी मांगों का समर्थन करेगी उन्हें समर्थन दिया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में महिला और पुरुष भी थे। राज्य और केंद्र सरकार दोनों से अटेवा ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा नई पेंशन योजना से शिक्षकों-कर्मचारियों का भविष्य अंधकार में चला गया है। सरकार को पुरानी पेंशन योजना बहाल करनी चाहिए। एक ही देश में दो तरह के विधान नहीं चलेगा। निजीकरण से युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है। इको पार्क में धरना-प्रदर्शन को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बलों और सीआरपीएफ के जवान मौके पर मुस्तैद रहे। इस मौके पर महासचिव अशोक कुमार, संदीप बडोला, राम लाल यादव, अमित कुमार, अमित कुमार यादव, रामेंद्र श्रीवास्तव, डॉ. मनोज पांडेय व भूपेंद्र सिंह, सुधीर त्यागी, प्रदीप चौहान, संतोष पाल, एसपी वर्मा, राजेश वर्मा, अनुज त्यागी, सीमा भढ़ाना, नरेन्द्र शर्मा समेत हजारों कर्मचारी धरने में शामिल हुए।