मोदी-योगी के नेतृत्व में देश लिख रहा विकास की पटकथा : पियूष गोयल

-वैश्य वर्ग भगवान राम के वंशज : डॉ. अनिल अग्रवाल
-वैश्य समाज का है गौरवमयी इतिहास: सुभाष चन्द्रा
-सदियों पुराना कांशी विश्वनाथ मंदिर का सपना अब हुआ पूरा: अतुल गर्ग 
-विराट वैश्य महाकुंभ में उमड़ा सैलाब, चुनाव का आगाज

गाजियाबाद। 2017 के यूपी चुनाव से पहले कानून व्यवस्था क्या थीं, वह किसी से भी छिपा नहीं है। व्यापारी, उद्यमी पलायन करने के लिए विवश था। 2017 के चुनाव के दौरान प्रदेश को इमानदार सरकार दिए जाने का नतीजा ये है कि प्रदेश विकास की राह में बढ रहा है। कांशी विश्वनाथ मंदिर का सपना सदियों पुराना था। इसी तरह से अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बने ये भी पुराना सपना था जो कि साकार होने की दिशा में है। प्रदेश में जो विकास हो रहा है वह प्रदेश के कारोबारी, उद्यमियों के सहयोग की देन है। यह बातें रविवार को केंद्र सरकार में वाणिज्य, उद्योग रसद मंत्री पियुष गोयल ने कमला नेहरू नगर परिसर मेंं आयोजित विराट वैश्य महाकुंभ में कहीं। उन्होंने कहा केंद्र एवं प्रदेश में बीजेपी की सरकार समय की सबसे बडी आवश्यकता है। यदि समाज का योगदान न होता तो कदापि प्रदेश विकास की राह में बढने वाला नहीं था। यूपी को पर्यटन की दिशा में आगे ले जाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। यूपी कारोबार सरल करने के मामले में देश में दूसरे नंबर पर है।मंत्री पियुष गोयल ने कहा देश की नदियों को साफ करने के साथ शहर गांव के हर घर में नल से साफ पानी पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। विरोट वैश्य महाकुंभ के लिए जो स्थल एवं शहर चुना गया, वह अधिक बेहतर है, चंूकि यूपी की शुरूआत गाजियाबाद से होती है। गाजियाबाद की पहचान औद्योगिक नगरी के तौर पर रही है। लोनी का भी एतिहासिक इतिहास रहा है।
कार्यक्रम के आयोजक एवं सांसद डा अनिल अग्रवाल ने कहा कि आयोजन का उददेश्य मोदी एवं योगी सरकार के हाथों को पार्टी में रहते हुए मजबूत करना है। वैसे भी वैश्य वर्ग भगवान राम के वंशज है। 1992 में अयोध्या ढांचा गिराने की घटना के दौरान वैश्य समाज के लोगों के द्वारा प्राण न्यौछाबर करने का काम किया गया। कोरोना काल के दौरान भी वैश्य समाज के द्वारा आगे आने का काम किया गया, जिस वक्त सगे संबंधी भी दूर भाग रहे थे। वैश्य समाज के लिए काफी कुछ किया जाना है। बीजेपी ही एक मात्र ऐसा राजनैतिक इतिहास है कि उसमें राष्ट्रवाद की भावना रही है। वैश्य समाज का गौरवमयी इतिहास रहा है। केंद्र में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद सामने आ सकें है। आने वाले वक्त में अपनी उपस्थिति मंच पर कम बल्कि मंच के आगे अधिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी। जी न्यूज के संस्थापक सुभाष चंद्रा ने कहा कि वैश्य समाज का गौरवमयी इतिहास रहा है। वैश्य समाज के इतिहास को जानने का काम अटल विहारी बाजपेयी सरकार के कार्यकाल से हुआ था। जो अगरोहा क्षेत्र. में खुदाई के दौरान तथ्य सामने आए थे, यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान छिपाकर रखे गए। जो केंद्र में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद सामने आ सकें है। इस इतिहास को उठाकर देखे तो वैश्यवर्ग केवल 23 फीसदी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि संपूर्ण भारत में 80 पफीसदी से ज्यादा है। स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने कहा कि वैश्य समाज को इस बात के लिए गर्व है कि वह महाराजा अग्रसेन के वंशज है। जो संस्कार इस वर्ग में है वह किसी दूसरे वर्ग में देखने में सामने नहीं आएंगे। यदि देश की बात आती है तो यही वर्ग सबसे आगे खडा होता है। उन्होंने माना कि वैश्य वर्ग के एमपी एमएल की संख्या बढनी चाहिए। झारखंड के बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेश पौददार ने कहा वैश्य वर्ग की एक ही भावना रही है कि प्रेम करों और आगे बढों। जूना अखाडा के अध्यक्ष महंत नारायण गिरी ने कहा कि गीता के सार को यदि उठाकर देखा क्षत्रिय एवं वैश्य सभी एक है। विधान परिषद सदस्य दिनेश गोयल ने कहा कि वैश्य वर्ग का सदैव से एक ही प्रयास रहा है कि समाज के साथ साथ दूसरे वर्ग के लिए कुछ किया जाए। आयोजन के दौरान राज्य सभा सदस्य डा अनिल अग्रवाल ने अतिथियों का भव्य स्वागत किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री पियुष गोयल को चांदी की गदा भेंट की गई। इस मौके पर सुभाष चंद्र राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार, अशोक गोयल उपाध्यक्ष व्यापारी कल्याण बोर्ड, सुनीता दयाल प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा, आईवीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, अतुल जैन, अग्रवाल संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप मित्तल, देवेंद्र हितकारी, अनिल सांवरिया, गौरव गर्ग, अनिल गर्ग, सौरभ जायसवाल, जय कमल अग्रवाल, मनोज गोयल, अजय गुप्ता, राज किशोर गुप्ता, ललित जायसवाल, संजीव गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, संदीप बंसल, उदित मोहन गर्ग, विष्णु दीप गर्ग, विकास बंसल, मनमोहन मित्तल, वीके अग्रवाल, अतुल मित्तल, गोपाल अग्रवाल, नानक चंद गोयल, राकेश सिंघल, नीरज गोयल, एबीएस कॉलेज विजय जिंदल, दिनेश बंसल, गोपीचंद, आनंद प्रकाश सिंघल, महेश, नरेंद्र गुप्ता, सपना बंसल आदि लोग मौजूद रहे।