स्वच्छता सर्वेक्षण : शहर को टॉप पर लाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास

शहर में जल्द सर्वे करने आएगी केंद्रीय टीम, नगरायुक्त के भगीरथी प्रयास
गाजियाबाद। स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 के मद्देनजर शहर को स्वच्छ एवं खूबसूरत बनाने के लिए नगर निगम ने पूरी ताकत झोंक दी है। शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण का काम अपै्रल तक पूरा होने की उम्मीद है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय द्वारा गठित टीमें इस सप्ताह शहर में सर्वे करने और नागरिकों से फीडबैक लेने के लिए आ सकती है ।स्वच्छता सर्वेक्षण को ध्यान में रखकर नगर निगम द्वारा कूड़ा निस्तारण की दिशा में भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी एवं नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश कुमार ने सिहानी स्थित गार्बेज फैक्ट्री वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का निरीक्षण किया। प्लांट में कूड़ा-कचरे का बेहतर तरीके से निस्तारण एवं सफाई व्यवस्था को चेक किया। उन्होंने बताया कि शहर में पुराने टायरों को जमीन में दबाकर भव्य रूप में पेंटिंग कराई गई। वहीं, कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतल, कैप आदि स्क्रैप भव्य रूप में सजाया गया है। स्वच्छता सर्वेक्षण के कारण शहर से एकत्र कूड़े का बेहतर तरीके से निस्तारण कराने के अलावा सफाई व्यवस्था दुरूस्त कराई जा रही है।

कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट के जरिए कूड़ा-कचरे का निस्तारण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जो भी खामियां मिलीं, उन्हें दुरूस्त कराया गया। वहीं, नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने जहां शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है, वहीं नगर निगम के अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी के तहत अब शहर में दीवारों पर पेंटिंग, स्वच्छ भारत मिशन के प्रतीक चिन्ह समेत शौचालयों की सफाई व्यवस्था, लोगों से फीडबैक, गार्बेज फैक्ट्री का बेहतर तरीके से संचालन से लेकर कूड़ा-कचरा निस्तारण को लेकर व्यवस्था दुरूस्त कराई जा रही है।

स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 के सिटीजन फीडबैक में नगर निगम की कड़ी मेहनत अब रंग ला रही है। इस मेहनत की बदौलत सिटीजन फीडबैक में पुन: अव्वल रैंकिंग लाने के लिए प्रयास जारी है । पार्कों को सुंदर बनाने के अलावा दीवारों पर पेंटिंग, सफाई व्यवस्था, सड़कों को धूल मुक्त करने, बाजारों में साफ-सफाई बेहतर तरीके से कराई जा रही हैं।
नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 में शहर की अव्वल रैंकिंग लाने के लिए प्रयास जारी हैं। केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय द्वारा गठित सर्वे टीमें इस सप्ताह आने की उम्मीद है। यह टीम नागरिकों से फीडबैक लेने के अलावा कूड़ा निस्तारण, गार्बेज फैक्ट्री, पथ प्रकाश, साफ-सफाई, शौचालयों की सफाई समेत अन्य कई बिंदुओं पर सर्वे करेगी। करीब 6500 अंकों का यह सर्वे होगा। इसके अलग-अलग कंपोनेंट हैं। विभागीय अधिकारियों एवं पार्षदों के सहयोग से शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के साथ सफाई व्यवस्था और कूड़े का बेहतर तरीके से निस्तारण करने पर पूरा फोकस है। स्वच्छ सर्वेक्षण के फीडबैक में इस बार भी शहर को नंबर-1 बनाने का प्रयास है।