जल्द होगा किसान का एक देश-एक बाजार का सपना पूरा
70 सालों में पहली बार किसानों को मिली बिचौलियों से मुक्ति
उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। किसान विधेयक बिल को लेकर बुधवार को भाजपा किसान मोर्चा महानगर संगठन द्वारा बुधवार को एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजा वर्मा ने सरकार का पक्ष रखा। नेहरूनगर कार्यालय पर मीडिया को संबोधित करते हुए राजा वर्मा कहा ने कि विपक्ष किसान बिल को लेकर भ्रम फैला रही है। जबकि मोदी सरकार किसानों को सशक्त करने की दिशा में मजबूती से कदम उठा रही है। इस विधेयक से किसानों की माली हालत तो सुधरेगी ही साथ ही इससे किसान का एक देश-एक बाजार का सपना भी पूरा होगा। सरकार की मंशा किसानों से लुभावने वादे करने की बजाय उन्हें सशक्त बनाना है। किसान विधेयक इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
पिछले 6 साल से फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भाजपा ने अभूतपूर्व वृद्धि की है। 2013-14 सत्र से 2019-2017 का मुकाबला किया जाए तो निश्चित रूप से विभिन्न फसलों में न्यूनतम समर्थन मूल्य वृद्धि इस बात को साबित कर देगी कि किसानों की इसे कितनी परवाह है। कांग्रेस शासन में किसानों की दुर्दशा थी। किसान आत्महत्या करते थे, भुखमरी से कर्जदार हो जाते थे और कर्जा चुकाते चुकाते ही नरकीय जीवन जीने को विवश रहते होते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मजबूत इच्छाशक्ति के चलते ही आज किसानों के लिए ऐतिहासिक फैसले किए गए। विपक्षी दल बुरी तरह बौखला गया है। कांग्रेस की पंजाब सरकार के अधिकतर मंत्री, कार्यकर्ता किसानों की कमाई से ही राजकीय जीवन जी रहे हैं। बिचौलियों का कनेक्शन सीधा पंजाब सरकार से है और यह सारा आंदोलन भी उन्हीं राज्यों में अधिकतर किया जा रहा है जहां पर मंडी शुल्क अधिक है। जिसमें किसानों की आय को दुगनी करने के वादे को पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के जरिए बीते 70 सालों में पहली बार किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिली है। अब वह अपनी फसल कहीं भी मनचाहे दामों पर बेच सकता है। इस विधेयक से किसान ही नहीं पूरा देश सशक्त होगा। किसान विधेयक के आने से कृषि में निजी निवेश के रास्ते खुलेंगे, जिससे रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने विधेयक की खूबियां भी मीडिया से साझा की। उन्होंने कहा कि इस विधेयक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह 3 दिनों में भुगतान की गांरटी देता है। इसके अलावा किसान सीधे खरीददार से जुड़ सकेगा। बिचौलियों के हाथों फंसने की संभवना खत्म होगी। किसानों को उपकर और माल-ढुलाई के खर्चे से भी मुक्ति मिलेगी। कृषि में अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल शुरू होगा। प्रेसवार्ता में राजा वर्मा ने विधेयक से जुड़े भ्रम तोडने की भी कोशिश की। महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि विधेयक के बारे में काफी भ्रम फैलाए जा रहे हैं। लिहाजा उन्हें दूर किया जाना जरूरी है। विधेयक आने के बाद भी एमएसपी पर भी खरीदारी जारी रहेगी। मंडिया समाप्त नहीं होगी, बस किसानों के पास मंडी के अलावा फसल को अन्य जगहों पर बेचने के विकल्प मौजूद होंगे। किसान को अनुबंध में फसल के दाम तय करने की पूरी छूट होगी। कोर्ट कचहरी जाए बगैर स्थानीय स्तर पर विवादों का निपटारा होगा। इस दौरान महामंत्री पप्पू पहलवान,क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी सौरभ जायसवाल,पंकज भारद्वाज,गौरव शर्मा आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
















